दाल बेशक सरकार के लिए मुसीबत बनी हुई है। मगर भारत में दाल की बढ़ी कीमतों को देख विश्व के बड़े-बडे देशों के मुंह में पानी आने लगा है। अब नामी गिरामी देश दाल उगाने की कतार में लग गए हैं। भारत में दाल की खपत उन्हें कमाई का आसान सौदा नजर आ रहा है। म्यंमार, आस्ट्रेलिया और कनाड़ा में दालें पहले से ही उगाई जाती हैं। अब ब्राजील ने भी भारत सरकार के समक्ष दाल उगाने की पेशकश की है।
ब्राजील ने भारत सरकार से दाल के बीज मांगे हैं। विदेश मंत्रालय के सहयोग से तंजानिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने दाल उगाने में रूची दिखाते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की है। केन्या और कुछ अफ्रिकी देशों ने भी अपने यहां दाल उगाने के लिए भारत सरकार से सहयोग मांगा है। अपने देश में दाल उगाने की मंशा पाले ब्राजील के कृषि मंत्री जल्द ही भारत दौरा करने वाले हैं। सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की ब्राजील यात्रा के दौरान वहां के कृषि मंत्री ने उनके सामने दाल उगाने की पेशकश की थी। उन्होंने पासवान से दाल के बीज उपलब्ध कराने की गुजारिश भी की है।
तो दूसरी तरफ दाल भारत सरकार के लिए दोधारी मुसीबत बनती जा रही है। एकतरफ दाल की रिकार्ड तोड़ बुआई ने बंपर उत्पादन के संकेत दिए हैं। तो दूसरी ओर सरकार के भंडार में भरी दाल की खपत नहीं हो पा रही है। कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार को यह कहते हुए दाल लेने से इंकार कर दिया है कि उससे सस्ती दाल खुले बाजार में उपलब्ध है। दाल निर्यात की भी संभावनाएं न के बराबर हैं। सरकार को अपने भंडार से दाल खपाना भारी पड़ता नजर आ रहा है। देश में कमी के नाम पर सरकार ने बड़े पैमाने पर दाल विदेशों से खरीद तो लिया। लेकिन जनता तक पहुंचा पाने में वह नाकाम रही है।