कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा
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दो महिला आईएएस अधिकारियों के आपसी झगड़े से तंग आकर कर्नाटक सरकार ने दोनों का तबादला कर दिया है। दो दिन पहले यह विवाद खुलकर सामने आया , जब एक अफसर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दूसरी अफसर पर शोषण व अपमान का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से बात करने के बाद शनिवार रात मुख्य सचिव पी रवि कुमार ने दोनों के तबादले कर दिए हैं। मैसूरु सिटी कॉरपोरेशन की आयुक्त शिल्पा नाग ने जिला उपायुक्त रोहिणी सिंधुरी पर अपमान व शोषण का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की धमकी दी थी।
नाग यह बताते हुए रो पड़ी थीं कि सिंधुरी अधिकारियों को परेशान कर रही हैं । वहीं , सिंधुरी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, वे केवल कोविड-19 प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां मांग रही थीं।
आठ महीने पहले ही नियुक्त सिंदूरी व नाग में शीतयुद्ध चल रहा था। पिछले हफ्ते सिंधूरी ने नाग की कार्यशैली की आलोचना कर कोविड देखभाल सेंटर शुरू न करने पर नोटिस भेजा । मौतों व संक्रमण के आंकड़े में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया था। तबादले के बाद सिंधूरी को हिंदू धार्मिक व अन्य धर्मार्थ संस्थानों का आयुक्त बनाया गया है, जहां वे पहले भी रही हैं। नाग को ग्रामीण विकास व पंचायतीराज विभाग में निदेशक (ई गवर्नेस) होंगी।
सिंधुरी के पहले हुए विवाद
राज्य सरकार ने सिंधुरी द्वारा ऐतिहासिक इमारतों में गिने जाने वाले सरकारी क्वार्टर में स्विमिंग पूल और जिम बनाने की जांच शुरू करवाई है। ऐतिहासिक इमारतों पर ऐसे निर्माण पर रोक है, महामारी व धन की कमी के बीच इन निर्माण पर 50 लाख रुपये खर्च करने पर आपत्ति की गई। जांच की रिपोर्ट अगले हफ्ते आनी है।
हाईकोर्ट में दायर एक मुकदमे में सिंधुरी का नाम आया। यह मुकदमा मैसूर के श्रीवेंकटेश्वर मंदिर में महामारी के बीच मुख्यमंत्री के बेटे बीवाई विजयेंद्र और उनकी पत्नी को निजी तौर पर दर्शन की अनुमति देने से जुड़ा है। मंदिर नागरिकों के लिए लॉकडाउन की वजह से बंद है, केवल पुजारियों द्वारा रोजाना पूजा और रस्मों के लिए से खोला जाता है।