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Sengol: 'दोनों पक्षों के तर्क सही’, 'सेंगोल' पर सरकार-विपक्ष के विवाद पर बोले शशि थरूर; साथ ही दी ये नसीहत

Sun, 28 May 2023 02:31 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राजदंड ‘सेंगोल’ को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों की दलीलों को अपनी-अपनी जगह सही बताया। साथ ही थरूर ने अतीत के इस प्रतीक को अपनाकर वर्तमान मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
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शशि थरूर सेंगोल विवाद पर बोले। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रधानमंत्री मोदी ने आज संसद के नए भवन का उद्घाटन किया। संसद के नए भवन के उद्घाटन पर राजनीति भी खूब हुई। कांग्रेस समेत 20 विपक्षी पार्टियों ने संसद के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार किया। इस बीच, राजदंड ‘सेंगोल’ को लेकर भी विवाद छिड़ गया है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दोनों पक्षों के तर्क को सही ठहराया। वहीं सलाह भी दे डाली। 

राजदंड ‘सेंगोल’ को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों की दलीलों को अपनी-अपनी जगह सही बताया। साथ ही थरूर ने अतीत के इस प्रतीक को अपनाकर वर्तमान मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।

थरूर ने कहा कि सेंगोल’ विवाद पर मेरा अपना विचार है कि दोनों पक्षों की दलीलें अपनी-अपनी जगह सही हैं। सरकार का तर्क सही है कि राजदंड पवित्र संप्रभुता तथा धर्म के शासन को मूर्त रूप देकर परंपरा की निरंतरता को दर्शाता है। विपक्ष का तर्क सही है कि संविधान को लोगों के नाम पर अपनाया गया था और यह संप्रभुता भारत के लोगों में, संसद में उनके प्रतिनिधित्व के रूप में मौजूद है और यह दैवीय अधिकार के तहत सौंपा गया किसी राजा का विशेषाधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में माउंटबेटन द्वारा (जवाहरलाल) नेहरू को दिए गए राजदंड के बारे में अप्रासंगिक जानकारियों को छोड़ दिया जाए तो दोनों पक्षों के रुख के बीच सामंजस्य बैठाया जा सकता है। राजदंड संबंधी यह एक ऐसी कहानी है जिसका कोई सबूत नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं तिरुवनंतपुरम से सांसद ने कहा कि आइए हम अतीत के इस प्रतीक को अपनाकर अपने वर्तमान मूल्यों को मजबूत करें। 

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बता दें, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और ऐतिहासिक राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समीप स्थापित किया।

 

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