फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉर्डर पर कोरोना से जंग, खतरनाक दुश्मन मानकर मात दे रही बीएसएफ

Sat, 18 Apr 2020 08:55 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोगों को कोरोना महामारी के बारे में हर बात अच्छे से मालूम हो जाए, इसके लिए जवानों ने लोकल भाषा में ऑडियो टेप तैयार कराए हैं।
विज्ञापन
Border Security Force (BSF) North Bengal Frontier - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर देश की सीमाओं से लगे इलाकों में कोरोना का खतरा कम नहीं है, तो वहां तैनात जवानों की मेहनत में भी कोई कमी नहीं है। भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के जवान कोरोना से भी एक खतरनाक दुश्मन की तरह पेश आ रहे हैं।

विज्ञापन

इसके चलते बीएसएफ अब दोहरी भूमिका में आ गई है। बॉर्डर की सुरक्षा करनी है और आसपास रह रही आबादी को कोरोना से भी बचाना है। सोशल डिस्टेंसिंग, जागरूकता, खाने-पीने का सामान और लोगों को टेस्ट कराने के लिए निकटवर्ती अस्पताल में भेजना, यह सब काम बीएसएफ कर रही है।

लोगों को कोरोना महामारी के बारे में हर बात अच्छे से मालूम हो जाए, इसके लिए जवानों ने लोकल भाषा में ऑडियो टेप तैयार कराए हैं। बॉर्डर के लोग सामाजिक दूरी का पालन कैसे करते हैं, इसके लिए जवान उनके इलाके में जाकर देख रहे हैं। यह काम रोजाना हो रहा है।
विज्ञापन

 

गुवाहाटी फ्रंटियर पर जितने भी गांव बॉर्डर एरिया में लगते हैं, वहां सभी में कोरोना को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। बल के पीआरओ वीएन पाराशर का कहना है कि यहां की अधिकांश आबादी पढ़ी-लिखी नहीं है।

लोग खेतों में या दूसरी जगहों पर मजदूरी कर अपना पेट भरते हैं। दूर तक खुला इलाका है। यहां दिक्कत यह होती है कि आसपास के इलाकों में रह रहे लोग खेत खलियान या जंगल के द्वारा यहां आ जाते हैं। ऐसे में कोरोना के संक्रमण का खतरा बना रहता है।

इसके लिए कई तरह से काम कर रहे हैं। पहले, लोगों को चेक पोस्ट पर जब राशन वितरित किया जाता है तो उन्हें समझाते हैं कि कोरोना से कैसे बचना है। फिर घूम-घूम कर जागरूकता का काम करते हैं।

जवान जिप्सी पर लाउड स्पीकर बांधकर लोगों के बीच पहुंच रहे हैं

पीआरओ पाराशर के अनुसार, पिछले कई दिनों से भारत बांग्लादेश के सीमावर्ती जिले, दक्षिण सलमरा, धुबरी और कूचबिहार में जिप्सी पर लाउड स्पीकर लगाकर बीएसएफ जवान हर इलाके में पहुंच रहे हैं।

कोरोना के बारे में लोगों को अच्छी तरह से मालूम हो जाए, इसलिए उन्हीं की भाषा में टेप तैयार कराया है। कई बार स्थानीय जवान भी यह जिम्मेदारी निभाते हैं। ग्रामीणों को सबसे पहले मास्क प्रदान किया जाता है। उसके बाद उन्हें सामाजिक दूरी का महत्व समझाते हैं।

उस इलाके में बाहर से कोई व्यक्ति आया है, तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को देना, जैसी बातें लोगों को समझाते हैं। सीमावर्ती गांव जोराधराला, दरीवास, दिनहाटा और साहेबगंज सहित कई इलाकों में सैनिटाइज करने के तरीके बताए गए हैं।

बीएसएफ ने अपने स्तर पर कई इलाकों को सैनिटाइज किया है। पाराशर बताते हैं कि इन सबके बीच जवानों को बॉर्डर ड्यूटी भी देनी है। वहां का रोटेशन खत्म होने के बाद हमारे जवान अपनी बैरक में नहीं जाते। वे गांवों में जाकर लोगों को राशन वितरित करते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें