वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के साथ ही दिल्ली, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत 22 राज्यों ने तीन दिन के अंदर अपनी सीमाओं के चेकपोस्ट हटा लिए हैं। वित्त मंत्रालय के मुताबिक असम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और कुछ पूर्वोत्तर राज्य भी जीएसटी के बाद बेमानी हो चुके चेकपोस्ट हटाने की प्रक्रिया में हैं।
राज्य की सीमाओं पर लगे चेकपोस्ट के जरिये माल और स्थान के आधार पर कर वसूली की जाती थी जिसके परिणामस्वरूप माल पहुंचाने में देरी हो जाती थी। चेकपोस्ट पर क्लीयरेंस के इंतजार में ऐसे ट्रकों की कतार लग जाती थी और इनसे प्रदूषण भी बढ़ रहा था। विश्व बैंक की रिपोर्ट-2005 के अनुसार चेकपोस्ट पर ट्रकों की देरी के कारण सालाना 900 करोड़ रुपये से लेकर 2300 करोड़ रुपये तक का नुकसान होता है।
With the roll out of the GST on 1st July, 2017, 22 States in India today abolished their check posts: Ministry of Finance
— ANI (@ANI_news) July 3, 2017
एक जुलाई से समस्त भारत में एक कर एक प्रणाली लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल तथा तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्यों ने भी अपनी सीमाओं से चेकपोस्ट हटा लिए हैं। इससे अब राज्यों की सीमाओं पर वाहनों की कतार भी बंद हो गई है।