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Lok Sabha: सीमावर्ती इलाकों में कितना विकास हुआ, किन परियोजनाओं को मिली मंजूरी? सरकार ने संसद में बाताया

Tue, 24 Mar 2026 03:45 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BADP Projects Data: सरकार ने लोकसभा में बताया कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 2004-05 से अब तक 39,000 से ज्यादा परियोजनाएं मंजूर हुई हैं। यह योजना अब सनसेट फेज में है। इसके तहत सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गईं। सरकार ने इसके स्थान पर वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम शुरू किया है।
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संसद में सरकार ने दी जानकारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश के सीमावर्ती इलाकों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। लोकसभा में बताया गया कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत वित्त वर्ष 2004-05 से अब तक 39 हजार से ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने यह भी साफ किया कि यह योजना अब अपने अंतिम चरण यानी ‘सनसेट फेज’ में पहुंच चुकी है। इसका उद्देश्य सीमा पर रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना रहा है।
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गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में बताया कि इन परियोजनाओं के तहत सड़क, पुल, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों में लागू किया गया है। इसमें 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।

क्या है सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम?
सरकार के अनुसार बीएडीपी का मकसद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करना है। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, कृषि और छोटे उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम किया गया। योजना का लक्ष्य इन क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना और वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं देना रहा है।
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किस तरह के काम किए गए हैं?
मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत सड़कें, पुल और पुलिया बनाई गईं। इसके अलावा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास, अस्पतालों में अतिरिक्त कमरे, स्कूलों में क्लासरूम, आंगनवाड़ी केंद्र, छात्रावास और आजीविका से जुड़े प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए। इससे सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

वित्तीय स्थिति और हाल के खर्च का क्या आंकड़ा है?
सरकार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत 168.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि पहले से स्वीकृत परियोजनाओं की देनदारियों को पूरा करने के लिए दी गई। इससे साफ है कि अब योजना अपने अंतिम चरण में है और नई परियोजनाओं की बजाय पुराने काम पूरे किए जा रहे हैं।

अब आगे क्या है सरकार की नई योजना?
सरकार ने बीएडीपी के बाद वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत 2023 में उत्तरी सीमा के 662 गांवों के विकास की योजना बनाई गई। वहीं 2025 में वीवीपी-II के तहत 1,954 गांवों को शामिल किया गया है, जिसमें भारत-पाकिस्तान सीमा वाले इलाके भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम 2028-29 तक चलेगा।
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सीमावर्ती इलाकों के लिए इसका क्या मतलब है?
सरकार का कहना है कि नई योजनाओं के जरिए सीमा क्षेत्रों में विकास को और तेज किया जाएगा। इससे वहां के लोगों को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर मिलेंगे। हालांकि बीएडीपी के सनसेट फेज में जाने से यह भी संकेत मिलता है कि अब सरकार नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।


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