ट्रेनों में बुकिंग फुल ग्राफिक्स
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गर्मी की छुट्टियों का सीजन अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। दूसरी तरफ देश में विभिन्न चरणों में चल रहे लोकसभा चुनाव का भी अंतिम चरण करीब आने को है। ऐसे में बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों के शहरों से अपने गांव गए लोग वापस अपने काम पर लौट आना चाहते हैं। लेकिन उनकी वापसी की यात्रा इतनी आसान नहीं होने वाली, क्योंकि जून के पहले सप्ताह से ही उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात की तरफ जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में कंफर्म टिकट उपलब्ध ही नहीं हैं।
लगभग सभी ट्रेनों में बुकिंग फुल
जून के पहले सप्ताह से ही लगभग सभी ट्रेनों की बुकिंग पूरी तरह से फुल हो गई है। भीषण गर्मी के चलते ट्रेनों के एसी कोच भी पूरी तरह से फुल हो गए हैं। ऐसे में वोटिंग करने अपने गांव गए लोगों और गर्मी की छुट्टियां मनाने गए यात्रियों के पास अब तत्काल या फिर स्पेशल ट्रेनों का ही भरोसा है। जानकारी के अनुसार बिहार, यूपी और दिल्ली से महाराष्ट्र, गुजरात की तरफ जाने वालीं अधिकांश ट्रेनें फुल हो गई हैं। ट्रेनों में जून के आखिरी तक टिकटों की वेटिंग चल रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात से दिल्ली होकर बिहार और यूपी जाने वाली ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं है। इन ट्रेनों में भी स्लीपर श्रेणी की सीट फुल हैं। इसके अलावा जून के दूसरे सप्ताह से एसी में सीट फिलहाल अभी खाली दिखाई दे रही है।
15 जून तक टिकटों के लिए मारामारी
वहीं, राजधानी दिल्ली से मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जाने वाली ट्रेनों में भी 15 जून तक कोई सीट उपलब्ध नहीं है। जबकि इन सभी राज्यों से राजधानी दिल्ली के लिए चलने वाली ट्रेनों के भी यही हाल हैं। इन राज्यों के बीच चलाई जा रही समर स्पेशल ट्रेनों में 20 जून के बाद एसी कोच में जगह उपलब्ध है। नई दिल्ली से दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली कई ट्रेनों में जून के दूसरे सप्ताह से सीटें उपलब्ध हैं। लेकिन दक्षिण भारत से मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र की तरफ आने वाली ट्रेन फिलहाल फुल हैं।
स्पेशल ट्रेनें चलाई जा सकतीं हैं
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव और गर्मी की छुट्टियों के चलते अप्रैल-मई माह में कई राज्यों से लोग अपने गांव और घूमने चले गए थे। अब चुनाव खत्म होने के साथ ही छुट्टियों भी खत्म हो रही हैं। कई राज्यों में जून के दूसरे या तीसरे सप्ताह से स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में लोग अब वापस अपने शहरों की तरफ लौट रहे हैं। इससे ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी। इसे लेकर लेकर सभी राज्यों के तमाम स्टेशनों पर उचित व्यवस्था की जाएगी। जबकि संबंधित रेलवे जोन भी अपने यहां भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों को चला सकता है, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।