अमिताभ कांत की नई किताब 'मेड इन इंडिया' का विमोचन करते केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर
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जी-20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने नई किताब 'मेड इन इंडिया' इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई हैं। कांत ने इस भारत वर्ष के आर्थिक विकास, आर्थिक नीतियों, सफलताओं, विफलताओं का एक लेखा जोखा अपने नजरिए से अंकित किया है।
रूपा प्रकाशन इंडिया द्वारा प्रकाशित 'मेड इन इंडिया: 75 ईयर्स ऑफ बिजनेस एंड एंटरप्राइज' नामक इस पुस्तक में भारत के स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरने तक के सफर को संदर्भित किया है। इस पुस्तक में भारतीय व्यवसायों और उद्यमों की सफलता कहानी के साथ-साथ उद्योगों की सफलता और वे भविष्य में कैसे आगे बढ़ सकते हैं। इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। पुस्तक में लेखक अमिताभ कांत ने विस्तार से भारत वर्ष के आर्थिक विकास, आर्थिक नीतियों की सफलता और विफलताओं का एक लेखा जोखा प्रस्तुत किया है।
इस किताब में विस्तार से बताया गया कि 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद जीएसटी, रेरा और आईबीसी जैसे सुधारों को सरकार ने टॉप एजेंडे पर रखकर तेजी से काम किया। जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिली। इसमें यह भी बताया कि देश के सशक्तिकरण में निजी क्षेत्र का बहुत ही अहम योगदान है।
हाल ही में पुस्तक का विमोचन पुस्तक का विमोचन केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था। कांत को मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, अतुल्य भारत जैसी कई अहम योजनाओं को शुरू करने का श्रेय जाता है। वे इससे पहले 'ब्रांडिंग इंडिया- एन इनक्रेडिबल स्टोरी', 'इनक्रेडिबल इंडिया 2.0', 'एडिटर ऑफ– द पाथ अहेड- ट्रांसफॉर्मेटिव आइडियाज फॉर इंडिया' नामक पुस्तक भी लिख चुके हैं।