बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन के खिलाफ यूट्यूब पर अपलोड छह मानहानिपूर्ण वीडियो को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये वीडियो प्रथम दृष्टया मानहानि की श्रेणी में आते हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन के खिलाफ दो यूट्यूबर्स द्वारा अपलोड किए गए छह वीडियो हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इन वीडियो को प्रथम दृष्टया मानहानिपूर्ण बताया है।
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न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की एकल पीठ ने 8 मई को दिए आदेश में कहा कि वीडियो देखने और उनके ट्रांसक्रिप्ट्स पढ़ने के बाद यह स्पष्ट होता है कि इसमें किए गए बयान मानहानिपूर्ण हैं।
अदालत ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वे तुरंत यूट्यूब से ये छह वीडियो हटा दें और आगे ऐसा कोई वीडियो या पोस्ट न डालें, जो महाजन के खिलाफ मानहानिपूर्ण हो। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
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महाजन ने लगाया मानहानि का आरोप
गिरीश महाजन ने यूट्यूबर अनिल ठट्टे और एक अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यूट्यूबर्स ने उनके खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए हैं।
मंत्री महाजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि कदम ने कोर्ट में कहा कि इन वीडियो में महाजन और एक महिला आईएएस अधिकारी से संबंधित पूरी तरह झूठी और निराधार बातें कही गई हैं, जो सीधे तौर पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।
इन छह वीडियो में से पांच “अनिल गगनभेदी ठट्टे” नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए हैं, जिसे यूट्यूबर और पत्रकार अनिल ठट्टे संचालित करते हैं। वहीं एक वीडियो “मुद्दा भारत का” नामक चैनल पर पोस्ट किया गया है, जिसे श्याम गिरी चलाते हैं।