ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई। सहयोगी अभिनेता सुनील ग्रोवर से बदसलूकी को लेकर फिर विवादों में आए कॉमेडियन कपिल शर्मा को बांबे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण मामले में कपिल शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को इस मामले की व्यक्तिगत सुनवाई करने का आदेश दिया है। यह कपिल शर्मा के लिए काफी राहत वाली खबर है।
बीएमसी ने गोरेगांव के डीएलएच एन्क्लेव फ्लैट में कथित तौर पर अवैध निर्माण करने के आरोप कपिल शर्मा को बीते साल 28 अप्रैल को नोटिस भेजा था और उसके बाद अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कपिल पर मामला दर्ज हुआ था।
इसके बाद कपिल ने बीएमसी के नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कपिल का कहना था कि यह नोटिस दुर्भावनापूर्ण इरादे से जारी किया गया था। वहीं, बीएमसी ने अपनी नोटिस में दावा किया था कि गोरेगांव की इस 18 मंजिली इमारत में कुछ अवैध निर्माण हुए हैं जिसे गिराना पड़ेगा। बीएमसी ने कपिल शर्मा और अभिनेता इरफान खान सहित इमारत के 13 लोगों के खिलाफ अवैध निर्माण का नोटिस दिया गया था, जिसके खिलाफ कपिल शर्मा और अन्य ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
बता दें कि बीएमसी की इसी नोटिस पर कपिल शर्मा ने ट्वीट कर बीएमसी के एक अफसर पर 5 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन पर सवाल उठाया था। उसके बाद से ही कपिल के बुरे दिन शुरू हो गए।
बीएमसी के अधिकारियों ने दावा किया कपिल ने अपने दफ्तर में अवैध निर्माण किया है जिससे मैंग्रोव का भी नुकसान हुआ है। अब इस मामले में बीएमसी ने अदालत से खुद ही कहा है कि वो साल 2016 का अपना नोटिस वापस ले रहा है। इसलिए अदालत ने कपिल के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है और बीएमसी को कहा है कि वह कपिल का पक्ष सुने।