बॉम्बे हाईकोर्ट की एक अवकाशकालीन पीठ ने बुधवार को 12 घंटे से ज्यादा लगातार बैठकर सुनवाई की। जस्टिस शाहरुख जिमी काठवाला और जस्टिस एसपी तावडे ने 80 मामले सुने। इन 12 घंटों में जज भोजन के लिए भी नहीं उठे और अपनी कुर्सी पर बैठकर ही अल्पाहार लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुबह 11.30 बजे शुरू हुआ सत्र रात सवा 11 बजे तक चला। आखिरी मामला महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री पर पुलिस अधिकारी परमवीर सिंह की शिकायत के बाद हुई सीबीआई जांच के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका का था।
इसमें अधिवक्ता रफीक दादा और इडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अपने पक्ष रखे। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को रखी गई है। जस्टिस काठावाला को लगातार कई-कई घंटों तक सुनवाई करने के लिए जाना जाता है। वे पहले भी कई बार देर रात तक मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। मई 2018 में उनकी एकल पीठ ने रात करीब 3.30 बजे तकत मामलों की सुनवाई की थी।