ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने 2014 लोकसभा चुनाव में पुणे के पार्वती विधानसभा क्षेत्र पर इस्तेमाल हुई ईवीएम को फोरेंसिक जांच पर भेजने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने फोरेंसिक जांच टीम को आदेश दिए हैं कि वह इसे गंभीरता से लें और हर एंगल से इसकी जांच करें।
बताया जा रहा है कि कोर्ट ने फोरेंसिक लैब को कथित तौर पर 9 सवालों दिए हैं, जिनके आधार पर जांच करने को कहा है। साथ ही जस्टिस मृदुला भटकर ने फोरेंसिक लैब को जांच की रिपोर्ट 15 मई से पहले देने के निर्देश दिए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कोर्ट ने लैब को कहा कि वे जांचे की कही ईवीएम में कोई एक्सटर्नल डिवाइज तो नहीं लगा था, जिसकी मदद से उसे हैक करके वोटों में धांधली की गई हो।
दरअसल, इस क्षेत्र से हारे कांग्रेस नेत अभय झाजेद ने याचिका डालकर कोर्ट ने ईवीएम की जांच की मांग की है।
उनका दावा है कि ईवीएम से बड़ी छेड़छाड़ होने की वजह से उन्हें उतने वोट नहीं मिले हैं, जितने की वे अपेक्षा रख रहे थे। साथ ही कहा कि पहले एक बार जांच हुई, पर उसे गंभीरता से नहीं किया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फोरेंसिक टीम को ये जिम्मेदारी सौंपी है।