न्यायमूर्ति गडकरी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों से अदालत में पेश होने के दौरान वर्दी पहनने की अपेक्षा की जाती है। न्यायाधीश ने कहा कि इससे पहले उन्होंने ऐसा नहीं करने के लिए एक अधिकारी पर जुर्माना लगाया था।
अदालत में पेश होने के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा सादे पहनने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है। साथ ही कहा है कि सभी पुलिस अधिकारियों को अदालत में अपनी वर्दी में पेश होना चाहिए। एक मामले में सुनवाई के दौरान बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और पीडी नाइक की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की।
विज्ञापन
दरअसल, सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सुभाष झा ने न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और पीडी नाइक की खंडपीठ के सामने एक मामले में बहस करते हुए कहा कि अदालत में आने वाले पुलिस अधिकारी अदालत की मर्यादा का पालन नहीं करते हैं और सादे कपड़े पहन कर पेश होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं पुलिस अधिकारियों द्वारा अदालत की मर्यादा का पालन नहीं करने और जीन्स जैसे हर तरह के कपड़ों में अदालत में पेश होने का मुद्दा उठाना चाहता हूं। इस दौरान उन्होंने मामले के संबंध में आई एक महिला पुलिसकर्मी की ओर इशारा किया जोकि अदालत में 'सलवार-कमीज' पहन कर आई थी।
इस पर जस्टिस गडकरी ने कहा कि एक सरकारी वकील ऐसी चीजों की देखभाल के लिए मौजूद होता है, जैसे अदालत में मौजूद अधिकारियों के कपड़े आदि। इस पर अतिरिक्त लोक अभियोजक संगीता शिंदे ने अदालत को बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता झा जिस अधिकारी का जिक्र कर रहे थे, वह शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से जुड़ी हुई थी। और उनके लिए वर्दी पहनना अनिवार्य नहीं था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति गडकरी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों से अदालत में पेश होने के दौरान वर्दी पहनने की अपेक्षा की जाती है। न्यायाधीश ने कहा कि इससे पहले उन्होंने ऐसा नहीं करने के लिए एक अधिकारी पर जुर्माना लगाया था।