फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा- मां-बाप की सेवा ना करने वाले बेटे से प्रॉपर्टी ले सकते हैं वापस

Tue, 17 Jul 2018 11:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
विज्ञापन

यदि कोई बेटा अपने बुजुर्ग माता-पिता की ठीक तरह से देखभाल नहीं करता है या फिर उन्हें सताता है तो माता-पिता दी हुई प्रोपर्टी को उससे वापस ले सकते हैं। यह फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया है। जस्टिस रंजीत मोरे और अनुजा प्रभुदेसाई की बेंच ने ट्रिब्यूनल के आदेश को सही ठहराते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए विशेष कानून का हवाला दिया है। ट्रिब्यूनल ने बुजुर्ग माता-पिता के अनुरोध पर बेटे-बहू को तोहफे में दी गई प्रोपर्टी के दस्तावेज रद्द कर दिए हैं। बेटे-बहू ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी।

विज्ञापन


यह मामला अंधेरी के एक वरिष्ठ जोड़े का है। उन्होंने बेटे को फ्लैट का पचास फीसदी हिस्सा तोहफे के तौर पर दे दिया था। साल 2014 में बुजुर्ग की पहली पत्नी की मौत हो गई थी। पिछले साल जब उसने दूसरी शादी करने की इच्छा जताई तो बेटे-बहू ने कहा कि अंधेरी के फ्लैट का कुछ हिस्सा उनके नाम ट्रांसफर कर दें। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी की और पचास प्रतिशत हिस्सा बेटे के नाम पर ट्रांसफर कर दिया। ऐसा होने के बाद से ही बेटे-बहू ने उन्हें सताना शुरू कर दिया था। 

बेटे बहू से परेशान बुजुर्ग दंपत्ति ट्रिब्यूनल पहुंचे और प्रोपर्टी के दस्तावेज खारिज करने की मांग की। जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने उनके हक में फैसला किया। इस फैसले के खिलाफ बेटे-बहू ने हाईकोर्ट में अपील की। अपने फैसले में हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि दंपत्ति ने बेटे-बहू को इस शर्त पर तोहफा दिया था कि वह बुढ़ापे में उसकी देखभाल करेंगे। मगर बेटे-बहू ने ऐसा नहीं किया। इन हालात में ट्रिब्यूनल का फैसला सही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें