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बांबे हाईकोर्ट ने खारिज की अबू सलेम की अर्जी, निकाह के लिए मांगा था 45 दिन की पैरोल

Tue, 07 Aug 2018 11:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
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बांबे हाईकोर्ट ने मंगलवार को अबू सलेम की 45 दिन की पैरोल अर्जी खारिज कर दी। वह शादी करने के लिए जेल से बाहर आना चाहता था। इससे पहले दो बार उसकी अर्जी खारिज हो चुकी है।

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साल 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के अपराधियों में से एक अबू सलेम महाराष्ट्र के तलोजा जेल में बंद है। वह मुंब्रा की निवासी कौसर बहार से शादी करना चाहता है। इसको लेकर बांबे हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विजया कापसे तलहियानी व न्यायमूर्ति महेश सोनक ने सलेम की याचिका खारिज कर दी। 

अबू सलेम की वकील फरहान शाह ने कोर्ट से दरख्वास्त की कि कोकण डिवीजनल कमिश्नर और अपीलीय प्राधिकरण ने उसकी पैरोल बिना किसी वजह के खारिज कर दी। प्राधिकरण ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सलेम की अपील अप्रैल महीने में खारिज की थी। उस समय सलेम की शादी की तारीख 5 मई बताई गई थी लेकिन, हाईकोर्ट में दायर याचिका में तारीख का कोई उल्लेख नहीं किया था। 
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इससे पहले अबू सलेम ने साल 2014 में कौसर बहार से ट्रेन में फोन पर शादी कर ली थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह शादी तब हुई थी जब अबू सलेम को सुनवाई के लिए मुंबई से लखनऊ ले जाया जा रहा था। उससे पहले कौसर ने अपील दायर की थी कि अगर सलेम से शादी नहीं करने दी गई तो वह खुदकुशी कर लेगी। 

अबू सलेम ने 16 फरवरी को तलोजा जेल प्राधिकरण को पत्र लिखकर 45 दिन की पैरोल मांगी थी। अपने पत्र में उसने लिखा था कि वह सैयद कौसर बहार से मैरिज एक्ट के तहत शादी करना चाहता है। पिछले 12 साल 3 महीने 14 दिन से जेल में है और इस दौरान उसने कभी पैरोल नहीं मांगा। लेकिन, कोकण डिवीजनल आयुक्त ने उसकी अपील खारिज कर दी थी। 

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