बंबई उच्च न्यायालय ने सांसद मोहन डेलकर की कथित तौर पर आत्महत्या के मामले में दादरा एवं नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है।
बंबई उच्च न्यायालय ने सांसद मोहन डेलकर की कथित तौर पर आत्महत्या के मामले में दादरा एवं नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। सभी 9 आरोपियों पर मार्च 2021 में मुंबई पुलिस ने कथित तौर पर डेलकर को आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
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दादरा और नगर हवेली से सात बार सांसद रहे 58 वर्षीय डेलकर 22 फरवरी 2021 को मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित एक होटल के कमरे में मृत पाए गए थे। मरीन ड्राइव थाना पुलिस ने 9 मार्च 2021 को आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले में नौ आरोपियों ने पिछले साल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी। जिसमें उन्होंने साजिशन फंसाने का आरोप लगाया था। न्यायमूर्ति पी बी वराले और न्यायमूर्ति एसडी कुलकर्णी की खंडपीठ ने दर्ज रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।