मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और सुनवाई छह जनवरी तक के लिए टाल दी। कोर्ट ने ईडी को नवाब मलिक के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यानी कहा जाए तो नवाब मलिक को नए साल के मौके पर भी जेल की ही रोटी खानी पड़ेगी।
नवाब मलिक ने बीते सोमवार (12 दिसंबर) को ही हाईकोर्ट में डाली थी याचिका
बता दें कि नवाब मलिक ने बीते सोमवार (12 दिसंबर) को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वकील तारक सैयद और कुशल मोर के जरिए मलिक ने यह याचिका दायर करवाई थी। उच्च न्यायालय ने मामले पर मंगलवार को सुनवाई ता समय दिया था। इससे पहले 30 नवंबर को एक विशेष अदालत ने मामले में मलिक की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
दाऊद इब्राहिम से जुड़े जमीन सौदे में घिरे थे नवाब मलिक
नवाब मलिक को भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से जुड़े एक भूमि सौदे से संबंधित कथित धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था। मलिक की गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल फरवरी में की थी तब से वे जेल में बंद हैं। अभी उनका यहां के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।