मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़
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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में बॉम्बे हाईकोर्ट के नये परिसर की आधारशिला रखी। इस मौके पर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायिक पक्ष में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश स्वतंत्रता की तीव्र भावना के साथ काम करते हैं, लेकिन जब प्रशासनिक पक्ष की बात आती है, तो वे सरकार के साथ खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यह विशाल परियोजना नागरिकों को आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए राज्य और न्यायपालिका के बीच सहयोग से विकसित की जा रही है।
दक्षिण मुंबई में मौजूदा हाईकोर्ट भवन के पत्थरों को नींव में शामिल किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय समारोह में शामिल हुए।हाईकोर्ट के नये परिसर में विशाल अदालत कक्ष, न्यायाधीशों और रजिस्ट्री कर्मियों के लिए कक्ष, एक मध्यस्थता केंद्र, एक सभागार, पुस्तकालय तथा कर्मचारियों, वकीलों और वादियों के लिए अनेक सुविधाएं होंगी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि 30.16 एकड़ भूमि का कब्जा चरणबद्ध तरीके से हाईकोर्ट को सौंप दिया जाएगा। साथ ही 4.39 एकड़ जमीन पहले ही दी जा चुकी है।
पुरानी इमारत प्रेरणा की स्रोत, सुनिश्चित की जाए सुरक्षा
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि ब्रिटिश काल में बनी मौजूदा 150 साल पुरानी विरासत संरचना कहीं नहीं जाएगी। यह हर किसी को प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने मौजूदा इमारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सीजेआई ने शीघ्रता से भूमि आवंटित करके साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिसर का निर्माण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट की मुख्य पीठ मुंबई में, जबकि नागपुर, औरंगाबाद के गोवा में भी इसकी पीठ हैं। केंद्र शासित प्रदेशों दादर और नागर हवेली एवं दमन व दीव भी हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।