अभिजीत गोसावी ने बताया कि याचिका में मांग की गई थी कि अदालत विधानसभा अध्यक्ष को यह निर्देश दें कि वह चोडनकर द्वारा 2022 में भाजपा के पक्ष में जाने वाले आठ कांग्रेस विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करे।
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने मंगलवार को गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गिरीश चोडनकर की याचिका का निस्तारण कर दिया। इस याचिका में उन्होंने राज्य विधानसभा के अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग की थी कि वह राज्य के आठ विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से फैसला करें।
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इस बारे में गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चोडनकर के वकील अभिजीत गोसावी ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि विधानसभा अध्यक्ष रमेश तावडकर ने एक हलफनामे में कहा है कि वह याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे। इस कारण वह याचिका पर कोई निर्देश नहीं देगी।
अभिजीत गोसावी ने बताया कि याचिका में मांग की गई थी कि अदालत विधानसभा अध्यक्ष को यह निर्देश दें कि वह चोडनकर द्वारा 2022 में भाजपा के प्रति निष्ठा बदलने वाले आठ कांग्रेस विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करे। उन्होंने बताया कि गोवा विधानसभा अध्यक्ष तावडकर ने खंडपीठ के सामने अपनी दलील में कहा था कि हाईकोर्ट उन्हें समयबद्ध तरीके से याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश नहीं दे सकता।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा अध्यक्ष एक न्यायाधिकरण के रूप में कार्य करता है। ऐसे में अदालत उन्हें याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश दे सकती है। साथ ही यह उचित समय के भीतर किया जाना चाहिए।
इस मामले में अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि अध्यक्ष ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह पहले से ही गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष अमित पाटकर द्वारा उन्हीं विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में वह अभी कोई आदेश नहीं देगी।