फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Malegaon Blast Case: ले. कर्नल प्रसाद पुरोहित को झटका, मालेगांव केस में आरोप मुक्त करने की अर्जी खारिज

Mon, 02 Jan 2023 12:17 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

ले. कर्नल पुरोहित ने एनआईए की विशेष कोर्ट द्वारा 2008 के मालेगांव धमाका मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर करने को चुनौती दी थी। उन्होंने केस में उन्हें आरोप मुक्त करने की मांग की थी। 

विज्ञापन
मालेगांव ब्लास्ट केस - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मालेगांव धमाका मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित की अर्जी खारिज कर दी। पुरोहित ने एनआईए के आदेश के खिलाफ अपील की थी। 
विज्ञापन

ले. कर्नल पुरोहित ने एनआईए की विशेष कोर्ट द्वारा 2008 के मालेगांव धमाका मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर करने को चुनौती दी थी। उन्होंने केस में उन्हें आरोप मुक्त करने की मांग की थी।  लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित मालेगांव धमाका मामले में मुख्य आरोपी हैं। धमाके में छह लोग मारे गए थे और 101 से अधिक घायल हुए थे।
  पुरोहित ने याचिका में कहा था कि उन पर केस चलाने के लिए भारतीय सेना से मंजूरी नहीं ली गई, जबकि सीआरपीसी की धारा 197(2) के तहत यह मंजूरी लेना जरूरी था। इसके विपरीत एनआईए ने कहा कि किसी मंजूरी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि ले. कर्नल पुरोहित उस वक्त सेना की ड्यूटी नहीं निभा रहे थे।
विज्ञापन


मालेगांव धमाका मामले में ले. कर्नल पुरोहित,  भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर व 5 अन्य आरोपी हैं। पुरोहित को 2008 में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2017 में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।  मामले के सारे आरोपी अभी जमानत पर हैं। 

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एएस गडकरी व जस्टिस प्रकाश नाइक की पीठ ने पुरोहित की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि मुकदमे के लिए सेना की मंजूरी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि वह कोई सरकारी काम नहीं कर रहे थे।

प्रज्ञा ठाकुर के नाम पंजीबद्ध थी मोटर साइकिल
29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक मस्जिद के पास मोटर साइकल में बम धमाका हुआ था। मालेगांव महाराष्ट्र के नासिक जिले का संवेदनशील कस्बा है। महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की आरंभिक जांच की थी। उसने पाया था कि धमाके में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल प्रज्ञा ठाकुर के नाम पंजीकृत थी। बाद में इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें