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सितारे जमीन पर: सरकारी विज्ञापनों में आने के बजाय खुद लड़ रहे समस्याओं से

Mon, 15 Aug 2016 06:21 AM IST
रिव बुले/ अमर उजाला, मुंबई
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नाना पाटेकर - फोटो : Getty
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आपको लगता है कि विद्या बालन टीवी विज्ञापन में ही जहां सोच वहां शौचालय कहती हैं तो फिर सोचिए। विद्या ने अभियान से जुड़ कर निजी प्रयासों से कई गांव-कस्बों में शौचालय बनवाए हैं। रंग दे बसंती जैसी फिल्म के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा भी बीते दो साल से बिना शोर-शराबे के यह काम कर रहे हैं। उन्होंने निजी कोशिशों से अनेक कारपोरेट हाउसों को कच्ची बस्तियों, गांवों में शौचालय बनाने की अपनी मुहिम से जोड़ा है।
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वह गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में करीब 700 शौचालय बनवा चुके हैं। आमिर खान भले ही टीवी पर इधर सत्यमेव जयते नहीं कह रहे परंतु उन्होंने पानी फाउंडेशन की शुरुआत की है। उनकी टीम महाराष्ट्र के गांवों में वाटर मैनेजमेंट सिखा रही है।

इस राष्ट्रवादी समय में बॉलीवुड सितारे अपनी सामाजिक भूमिका के साथ न्याय करने के लिए निजी स्तर पर विभिन्न सामाजिक कार्य करने में जुटे हैं। समाज सेवा या जन-जागरण के लिए उन्हें सरकारी बुलावे का इंतजार नहीं है। आज वह केवल विज्ञापनों में संदेश देने तक सीमित नहीं हैं। अनेक सिने-सेलेब्रिटी आगे बढ़ कर राष्ट्रीय-सामाजिक चिंताओं से जुड़ रहे हैं। जमीन पर उतर कर काम कर रहे हैं।
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आमिर खान सिखाते हैं वाटर मैनेजमेंट

आमिर खान और सीएम फडनवीस - फोटो : Getty
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियानों और आह्वानों ने सिने-सेलेब्रिटियों को प्रभावित किया है। मोदी का स्वच्छता अभियान खास तौर सितारों में हिट है। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, कमल हासन, अनुपम खेर से लेकर हेमा मालिनी तक इससे जुड़ सड़क पर उतरे हैं। हाल में इस अभियान को आगे बढ़ाती शॉर्ट फिल्म डोंट लेट हर गो (उसे जाने मत दो) ने चर्चा बटोरी। इसमें कंगना रनौत धन की देवी लक्ष्मी बनी हैं, जो गंदगी फैलाने वाले लोगों के घर/दुकान से चली जाती हैं।

दक्षिण भारत में रजनीकांत जैसे सितारे दर्जनों हितकारी संस्थाएं चलाते हैं। लोगों की व्यक्तिगत मदद करते हैं। इस तर्ज पर सलमान खान के बीईंग ह्यूमन ने इधर पहचान बनाई है। परंतु नाना पाटेकर जैसे अभिनेता ने महाराष्ट्र में दुर्दशा के शिकार किसानों की जो आर्थिक मदद की, वह अनुकरणीय है। वन-बेडरूम अपार्टमेंट में रहते हुए नाना ने अपनी 90 फीसदी कमाई गरीब किसानों, उनके परिवारों को बांट दी। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख और ईशा गुप्ता ने भी अपनी क्षमताओं के अनुसार किसानों की मदद की है।

देश/समाज में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराध खत्म करने, उन्हें आत्म निर्भर बनाने की कोशिशें जारी हैं। अमिताभ बच्चन सरकार के मंच से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर बोल कर सबका ध्यान इस तरफ खींच चुके हैं। अक्षय कुमार, जावेद अख्तर-शबाना आजमी, ऋचा चड्ढा और जैकलीन फर्नांडिस जैसी हस्तियां महिला सशक्तिकरण और पीड़िताओं के पुनर्वास की दिशा में काम कर रही हैं।
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मुहिम अपनी अपनी

विद्या बालन और राकेश ओम प्रकाश मेहरा - फोटो : Getty
शौचालय निर्माण: विद्या बालन और राकेश ओमप्रकाश मेहरा सैकड़ों शौचालय बनवा चुके हैं। मेहरा कच्ची बस्तियों में टॉयलेट की समस्या को लेकर फिल्म की योजना पर काम कर रहे हैं।

किसानों की मदद: नाना पाटेकर निजी प्रयासों तथा अपने फाउंडेशन से किसानों की मदद कर रहे हैं। नाना से प्रेरित अक्षय कुमार दो बार 90 लाख और 50 लाख की मदद दे चुके। रितेश देशमुख ने 25 लाख का योगदान दिया।

जल संरक्षण: सूखे और जल संकट के बीच आमिर खान ने बीते बरस पानी फाउंडेशन शुरू किया। जल संरक्षण के लिए सबको जागरूक बनाने की मुहिम। महाराष्ट्र सरकार के साथ मिल गांवों में पानी की समस्या से निजात का प्रयास।

महिला सशक्तिकरण: अक्षय कुमार की लड़कियों के लिए मार्शल आर्ट एकेडमी खोलने की योजना। शबाना आजमी का यूपी में मिजवां एनजीओ। ऋचा चढ्ढा-जैकलीन फर्नांडिस शोषित-पीड़ित महिलाओं की मदद और पुनर्स्थापन जैसे कामों को अंजाम दे रही हैं।
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