मुंबई के अपतटीय क्षेत्र में पिछले महीने आए चक्रवात ताउते के दौरान डूबे बजरा पी-305 के लापता कप्तान राकेश बल्लव के शव की पहचान डीएनए मिलान के जरिए की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि शव की पहचान उनके परिवार के एक करीबी सदस्य के डीएनए नमूने के मिलने के बाद हुई। कप्तान बल्लव अरब सागर में 16 मई को बजरा 305 के डूबने के बाद से ही लापता थे।
बजरा पी305 चक्रवात ताउते के दौरान समुद्री लहरों के कारण डूब गया था और दो दिन बात समुद्र तल पर दिखा था। नौसेना ने बताया था कि हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 66 हो गई, जबकि कुछ कर्मी लापता हैं। उसने बताया कि घटना के समय बजरा पी305 पर 261 कर्मी सवार थे, जिनमें से अभी तक 186 को बचा लिया गया था।
बार्ज पी305, पर सरकारी तेल और गैस कंपनी ओएनजीसी के एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म के रखरखाव के काम में लगे कर्मी थे। उक्त बजरा गुजरात जाते वक्त तेज गति वाली हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के कारण मुंबई तट के पास सोमवार शाम को डूब गया था। बार्ज पी305 के नौ लापता कर्मियों के अलावा नौसेना और तटरक्षक बल नौका वरप्रदा के उन 11 लोगों की भी तलाश कर रहा था, जो चक्रवात के बाद लापता हो गए थे।