हंडिया के टेला घाट से मेजा के मदरा घाट की ओर जा रही एक छोटी नाव (डोंगी) शनिवार की शाम बीच गंगा में डूब गई। हादसे में एक बैंक कैशियर समेत चार लोग लापता हो गए। बाकी 12 लोगों ने तैरकर जान बचा ली। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से लापता लोगों की खोजबीन शुरू कर दी है। देर रात तक गोताखोर उन्हें खोजते रहे।
मदरा घाट की ओर जाने वाली स्टीमर शनिवार शाम खराब हो गई थी जिसके बाद ठेकेदार विनय ने टेला घाट पर एक छोटी नाव मंगा ली। नाव पर नाविक ने 16 लोगों को बिठा लिया और पांच बाइक व पांच साइकिल भी लाद ली। ओवरलोड होने से नाव डगमग कर रही थी। बीच नदी में पहुंचते ही नाव में पानी भरने लगा। जब नाव में ज्यादा पानी भरा तो उस पर सवार लोग कूदने लगे।
इसी आपाधापी में नाव डूब गई। बाकी लोग तो निकल आए, लेकिन मेजा के चुरबना गांव निवासी विकास पटेल (35), ओनउर गांव के धीरज मिश्रा (30) और मेजा के भिंगारी गांव के संदीप मिश्रा (32) और हंडिया के भेलसी गांव के निखिल यादव (35) लापता हो गए। विकास पटेल बैंक आफ बड़ौदा की बरौत शाखा में कैशियर हैं।
घटना का पता चलते ही दोनों घाट पर सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए। एडीएम, एसडीएम, सीओ और कई थानों के थानेदार गोताखोरों की टीम के साथ पहुंचे। चारों लापता लोगों की खोजबीन शुरू हुई। देर रात नाव मिल गई थी। हालांकि, किसी भी लापता के मिलने की कोई खबर नहीं थी। एसपी यमुनापार ने बताया कि गोताखोर के साथ स्थानीय लोग खोजबीन कर रहे हैं।