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Maharashtra: महज दो वोट मिलने के मनसे उम्मीदवार के आरोप का बीएमसी ने किया खंडन, कहा- कोई तथ्यात्मक आधार नहीं

Tue, 26 Nov 2024 02:30 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भाजपा की मनीषा चौधरी ने 98,587 वोट पाकर अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी विनोद घोसालकर को हराया, जबकि येरुंकर तीसरे स्थान पर रहे। नगर निकाय ने अपने बयान में कहा, आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। 20 नवंबर के विधानसभा चुनाव में बीएमसी आयुक्त और प्रशासक भूषण गगरानी मुंबई शहर के जिला चुनाव अधिकारी थे।
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बीएमसी - फोटो : ANI
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विस्तार
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बृहन्मुंबई नगर निगम ने  यह स्पष्ट किया कि दहिसर विधानसभा क्षेत्र के महाराष्ट्र नवनिर्माण (मनसे) पार्टी के उम्मीदवार को दो नहीं बल्कि एक मतदान केंद्र से 53 वोट मिले थे। सोशल मीडिया पर नगर निकाय ने हारे हुए उम्मीदवार राजेश येरुंकर के आरोपों का खंडन किया। दरअसल, राजेश येरुंकर ने ईवीएम से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। एक वायरल वीडियो में येरुंकर ने ईवीएम नंबर और मतदान डाटा से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि जहां उनके परिवार के चार सदस्यों ने उन्हें वोट दिया, वहीं उन्हें केवल चार वोट मिले। निगम निकाय ने बताया कि  उनके आरोपों में कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
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नगर निकाय ने आरोपों का किया खंडन
इस क्षेत्र से भाजपा की मनीषा चौधरी ने 98,587 वोट पाकर अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी विनोद घोसालकर को हराया, जबकि येरुंकर तीसरे स्थान पर रहे। नगर निकाय ने अपने बयान में कहा, "आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है" 20 नवंबर के विधानसभा चुनाव में बीएमसी आयुक्त और प्रशासक भूषण गगरानी मुंबई शहर के जिला चुनाव अधिकारी थे। फॉर्म 17-सी के अनुसार, येरुंकर को विशेष मतदान केंद्र से 53 वोट मिले थे। बता दें कि फॉर्म 17-सी में प्रत्येक उम्मीदवारों का विस्तृत वोट गिनती का रिकॉर्ड होता है। बीएमसी ने कहा, इसमें कोई सच्चाई नहीं कि उम्मीदवार को केवल दो वोट मिले हैं। 

येरुंकर का आरोप
येरुंकर ने आरोप लगाया कि मतदान के बाद भी ईवीएम की बैटरी 99 प्रतिशत चार्ज थी। इस पर बीएमसी ने भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) का हवाला दिया। इसके अनुसार, ईवीएम पावर पैक का वोल्टेज बहुत धीरे-धीरे गिरता है। बैटरी स्टोरेज अधिक है लेकिन जब स्टोरेज एक सीमा से नीचे चला जाता है तब वोल्टेज तेजी से गिरने लगता है। बता दें कि विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे की मनसे ने एक भी सीट नहीं जीती, जबकि सत्तारूढ़ महायुति एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने में कामयाब रही। 
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