घाटकोपर में सोमवार शाम तेज हवाओं से पेट्रोल पंप पर गिरे होर्डिंग को लगाने के मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने विज्ञापन एजेंसी मेसर्स एगो मीडिया को नोटिस जारी किया है। बीएमसी ने विज्ञापन एजेंसी को घटनास्थल के पास से शेष तीन होर्डिंग्स को तुरंत हटाने को कहा है। वहीं, बीएमसी द्वारा मंगलवार को तीनों होर्डिंग्स हटाए जाने की संभावना है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में नौ लोगों की मौत और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
बीएमसी के अधिकारी ने कहा, सहायक पुलिस आयुक्त (प्रशासन) ने रेलवे पुलिस मुंबई के आयुक्त की ओर से चार होर्डिंग लगाने की अनुमति दी थी, लेकिन बीएमसी से एनओसी नहीं ली गई। इन होर्डिंग्स में वह भी शामिल थी, जो सोमवार को ढह गई। जिस जमीन पर होर्डिंग लगाई गई थी, वह कलेक्टर की जमीन है और संपत्ति कार्ड रिकॉर्ड के अनुसार यह महाराष्ट्र सरकार के पुलिस हाउसिंग कल्याण निगम के कब्जे में थी। इसमें कहा गया है कि जमीन शुरू में राजकीय रेलवे पुलिस को उपयोग के लिए दी गई थी।
13 जुलाई को विज्ञापन एजेंसी पर दर्ज हुआ केस
अधिकारी ने कहा कि इससे पहले 2 मई को बीएमसी ने रेलवे पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (प्रशासन) को विज्ञापन एजेंसी को सभी अनुमतियां रद्द करने और होर्डिंग्स हटाने का निर्देश देने के लिए एक नोटिस जारी किया था। मुंबई पुलिस ने पंत नगर पुलिस स्टेशन में 13 जुलाई 2023 को मुलुंड स्थित मेसर्स एगो मीडिया के खिलाफ छेड़ा नगर इलाके में होर्डिंग्स देखने में बाधा डालने वाले नौ नारियल और दो ताड़ के पेड़ों में कथित तौर पर जहर डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
अवैध होर्डिंग का आकार 120x120 वर्ग फीट
अधिकारी ने कहा, हालांकि बीएमसी अधिकतम 40x40 वर्ग फीट आकार की होर्डिंग की अनुमति देती है, लेकिन जो अवैध होर्डिंग ढहा उसका आकार 120x120 वर्ग फीट था। होर्डिंग लगाने का आदेश सबसे पहले दिसंबर 2021 में तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा जीआरपी आयुक्त की ओर से दिया गया था।
जीआरपी आयुक्त बोले- उनके कार्यभार संभालने से पहले लगे होर्डिंग्स
हालांकि, जीआरपी आयुक्त रवींद्र शिसावे ने कहा कि जिस जमीन पर होर्डिंग्स लगाए गए थे, वह सरकारी रेलवे पुलिस के कब्जे में है, लेकिन उनके कार्यभार संभालने से पहले ही इस स्थान पर होर्डिंग्स लगाए गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि अनुमति किसके अधिकार के तहत दी गई थी।