बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा कथित तौर पर अवैध जैन मंदिर गिराने के विरोध में जैन समुदाय में बड़ी नाराजगी देखने को मिल रही है। समुदाय के लोगों ने बीएमसी के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।
मुंबई के विले पार्ले इलाके में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने एक कथित तौर पर अवैध जैन मंदिर को तोड़ दिया है। इसके बाद जैन समुदाय के लोगों ने बीएमसी के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। उन्होंने बीएमसी के K-East वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई है। बता दें कि यह मंदिर कंबलिवाड़ी के नेमिनाथ सहकारी आवास सोसायटी में बना था और जैन समुदाय के मुताबिक, यह 1960 के दशक से वहां मौजूद था।
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मंदिर के ट्रस्टी ने दी जानकारी
मामले में मंदिर के ट्रस्टी अनिल शाह ने बताया कि बीएमसी ने 16 अप्रैल को मंदिर गिरा दिया। उनका दावा है कि पहले बीएमसी से इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण की अनुमति भी ली गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मंदिर को वैध कराने के लिए जरूरी दस्तावेज बीएमसी को दिए थे।
इसके साथ ही शाह ने आरोप लगाया कि मंदिर गिराने की यह कार्रवाई एक स्थानीय होटल मालिक के दबाव में की गई और विध्वंस के दौरान कुछ धार्मिक पुस्तकें और मंदिर से जुड़ा सामान भी नष्ट हो गया। इस कार्रवाई के खिलाफ जैन समुदाय के लोग नाराज हैं। हालांकि इस मुद्दे पर बीएमसी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।