उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर बीएमसी 200 रुपये का जुर्माना वसूल रही है। इस संबंध में की गई कार्रवाई को लेकर बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, एक अप्रैल 2020 से इस साल 15 फरवरी तक बृहन्मुंबई नगर निगम ने 15 लाख 16 हजार 398 लोगों को बिना मास्क के पकड़ा और इन लोगों से कुल 30 लाख 69 हजार 9800 रुपये का जुर्माना वसूला।
बीएमसी के डाटा के अनुसार, मास्क न पहनने वाले सबसे ज्यादा लोग मुंबई के के-वेस्ट वार्ड में पकड़े गए। इनकी संख्या एक लाख आठ हजार 69 रही। इस इलाके में जुहू, अंधेरी (वेस्ट) और वर्सोवा जैसे क्षेत्र आते हैं। वहीं, बिना मास्क के सबसे कम लोग एम-ईस्ट वार्ड में पकड़े गए, जहां इनकी संख्या 25,847 रही। इसमें अनुशक्ति नगर, देओनार, चीता कैंप और शिवाजी नगर जैसे इलाके आते हैं।
साथ ही बीएमसी और रेलवे के मुंबई प्रखंड ने एक फरवरी से 14 फरवरी के बीच मास्क न पहनने वाले 4618 ट्रेन यात्रियों पर जुर्माना लगाया है। पश्चिमी रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि मुंबई उपनगरीय मार्ग पर 2060 यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया। वहीं, मध्य रेलवे ने बताया कि 2558 यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया और तीन लाख 28 हजार 500 रुपये की पेनाल्टी वसूली गई।
बीएमसी अधिकारी ने बताया कि पूरे शहर में मास्क न पहनने वाले लोगों को पकड़ने के लिए और उन पर जुर्माना लगाने के लिए 1200 मार्शल तैनात किए गए हैं। सभी 24 वार्ड में 50-50 मार्शल लगाए गए हैं। बता दें कि मंगलवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 3663 नए मामले सामने आए थे। कोरोना महामारी को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है।
मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने बुधवार को शहर में बढ़ते कोविड-19 मामलों को देखते हुए लोगों के बीच मास्क के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए लोकल ट्रेन में यात्रा की। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल रेलवे के रूट पर भायखला में ट्रेन में सवार होने से पहले पेडनेकर ने स्टेशन के बाहर का जायजा लिया और आस पास बिना मास्क के घूम रहे लोगों से मास्क पहनने के लिये कहा।
अधिकारी ने कहा, ‘मेयर ने पाया कि स्टेशन पर स्थित एक दूकान के दो वेंडरों ने सही तरीके से मास्क नहीं पहना है। इसके बाद पेडनेकर ने उनसे हमेशा मास्क पहनने के लिये कहा और दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी भी दी।’ भायखला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक की उनकी यात्रा के दौरान महापौर ने देखा कि कई लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर उतरने के बाद महापौर शांताक्रूज गईं जहां वह नगर निकाय के एक दल के साथ उस होटल में अचानक पहुंचीं जहां खाड़ी के देशों से लौटे लोग कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत पृथक-वास में रखे गए थे। पृथक-वास लोगों की सूची में शमिल चार लोग अनुपस्थित मिले। महापौर ने लापता चार यात्रियों और होटल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया।