देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फर्जी टीकाकरण के मामले सामने आने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सख्त हो गई है। बीएमसी ने फर्जी टीकाकरण रोकने के लिए अपने ही दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराने का फैसला किया है।
बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमरे ने कहा कि निजी सोसायटियों में टीकाकरण को लेकर निजी वैक्सीनेशन सेंटर के लिए पहले से ही दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
फर्जी टीकाकरण के मामले सामने आने पर यह बात सामने आई कि इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है, इसलिए बीएमसी सख्ती करने जा रही है। इसके तहत अब सोसायटियों में टीकाकरण शिविर लगाने से पहले टीकाकरण करने वाले सेंटर को संबंधित वार्ड के मेडिकल अफसरों को अनिवार्य रूप से इसकी जानकारी देनी होगी।
गोमरे ने कहा कि सभी टीकाकरण केंद्रों को विशेष पंजीकृत नंबर दिए गए हैं। टीकाकरण की अग्रिम सूचना मिलने से स्वास्थ्य अधिकारी पंजीकृत नंबर की जांच कर सकेंगे जिससे धोखाधड़ी रोकी जा सकेगी।
गौरतलब है कि मुंबई में नौ स्थानों पर 2053 लोग फर्जी टीकाकरण गिरोह की धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने इस मामले मे एसआईटी गठित कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
ठाणे में भी फर्जी टीकाकरण, पांच पर एफआईआर
मुंबई के अलावा ठाणे के रेन्यूबॉय डॉट कॉम कार्यालय में भी 26 मई को टीकाकरण शिविर लगाया गया था। जहां कार्यालय के स्टॉप और उनके परिवार के सदस्यों को टीके की खुराक दी गई थी।
खास बात यह है कि ठाणे में हुए फर्जी टीकाकरण के तार भी मुंबई के फर्जी टीकाकरण गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। फर्जी टीकाकरण के मामले में ठाणे की नौपाड़ा पुलिस ने महेंद्र सिंह, श्रीकांत माने, संजय गुप्ता, सीमा अहूजा और करीम के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।