देश के कोरोना कैपिटल बन चुकी मुंबई को महामारी की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। शनिवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक सहायक आयुक्त अशोक खैरनार (57) की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में खैरनार धाकड़ अधिकारी थे।
बीएमसी के सहायक आयुक्त खैरनार एच-ईस्ट वार्ड यानि सांताक्रुज, बांद्रा पूर्व इलाके में कार्यरत थे। शिवसेना अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आवास मातोश्री भी इसी विभाग में है। इस इलाके में कोरोना वायरस का संक्रमण को बहुत ही तेज गति से नियंत्रित किया गया था।
मुंबई में यह पहला इलाका था जहां कोरोना वायरस से तकरीबन मुक्ति मिल चुकी थी। मुंबई एच-पूर्व पहला वार्ड है जो रेड जोन से ग्रीन जोन बना। इस इलाके में कोरोना संक्रमितों के बढ़ने की दर 0.5 फीसदी है और डबलिंग रेट 134 दिन है। सहायक आयुक्त खैरनार को इलाके में कोरोना वायरस को नियंत्रित किया। लेकिन खुद भी कोरोना से संक्रमित हो गए। खैरनार को अंधेरी स्थित सेवन हिल्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने शनिवार को अंतिम सांस ली।
अब तक 100 कर्मचारियों की हो चुकी है मृत्यु
मुंबई महानगर में कोरोना के खिलाफ मैदान में डंटे बीएमसी के अनेक अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस की चपेट में आने से अब तक बीएमसी के करीब 100 कर्मचारियों की जान जा चुकी है।