कोविड महामारी के दौरान देश के दूरदराज इलाकों में ड्रोन से वैक्सीन और दवाइयां भेजने के सफल प्रयोग के बाद अब जल्द ही अस्पतालों में इससे रक्त आपूर्ति भी की जा सकेगी। इससे एक स्थान से दूसरे स्थान तक रक्त पहुंचाने में काफी कम समय लगेगा।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बुधवार को दिल्ली में इसका सफल परीक्षण किया है। इसके लिए गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जीआईएमएस) और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से रक्त के 10 नमूनों का ड्रोन के जरिये परिवहन किया गया।
एंबुलेंस से भी भेजा सैंपल, अब मैच कराएंगे :
डॉ. बहल ने बताया कि हमने एंबुलेंस के जरिये एक सैंपल भेजा है। ड्रोन के जरिये भेजे गए सैंपल से इसका मिलान किया जाएगा। यदि दोनों नमूनों में कोई अंतर नहीं होगा तो इसका उपयोग पूरे भारत में किया जाएगा।
उचित तापमान बनाए रखने की चुनौती
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के अनुसार, ट्रायल में आई-ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इसे आईसीएमआर ने आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर तैयार किया है। रक्त आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा परिवहन के समय उचित तापमान बनाए रखने की होती है। इसके लिए एक बॉक्स में रक्त की थैलियां रखी गईं।