देश में बीते 12 सालों में दृष्टिहीनता प्रसार में 47 फीसदी की कमी आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन द्वारा जारी राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं दृष्टिबाधित सर्वे 2019 के मुताबिक देश की कुल आबादी के 0.36 फीसदी यानी 48 लाख लोग दृष्टिहीन हैं जबकि 2006-07 में यह संख्या 1.20 करोड़ थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2020 तक भारत दृष्टिहीनता मामलों के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा तय 0.3 फीसदी का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
डब्ल्यूएचओ के निर्देशों के आधार पर भारत ने अपनी चार दशक पुरानी दृष्टिहीनता की परिभाषा को 2017 में बदला है। नई परिभाषा के तहत तीन मीटर की दूरी से अंगुलियां नहीं गिन पाने वाले व्यक्ति को दृष्टिहीन माना जाएगा। अब तक 1976 में तय की गई छह मीटर की दूरी को आधार माना जाता था।
जिला राज्य प्रसार (फीसदी में)
बिजनौर यूपी 3.67
वारंगल तेलंगना 3.47
नलबाड़ी असम 3.03
गुना एमपी 2.98
सीकर राजस्थान 2.81
जिला राज्य प्रसार (फीसदी में)
बिजनौर यूपी 21.82
वारंगल तेलंगना 20.31
नयागढ़ ओड़िशा 17.88
बीरभूम पश्चिम बंगाल 17.39
जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ 17.05
उम्र (वर्ष में) बीमारी (फीसदी में)