आयकर विभाग ने तमिलनाडु स्थिति एक सरकारी ठेकेदार के यहां छापा मारकर 700 करोड़ रुपये की काली कमाई के सबूत जुटाए हैं। सीबीडीटी ने बृहस्पतिवार को बताया कि ठेकेदार की कंपनी करोड़ों रुपये के सरकारी सिविल अनुबंध लेकर काम करती है। विभाग ने तलाशी के दौरान मिली 21 करोड़ रुपये की बेनामी नकदी भी जब्त की है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक, सरकारी कामों के एक नामी सिविल ठेकेदार की कंपनियों के समूह के ठिकानों पर इरोड और चेन्नई में 14 व 15 दिसंबर को छापा मारा गया। यह समूह तटीय इलाकों में समुद्री लहरों को रोकने वाली दीवार बनाने का विशेषज्ञ माना जाता है। साथ ही समूह बस परिवहन, विवाह फार्मों और खाद्य मसालों के व्यापार में भी शामिल है।
सीबीडीटी ने बताया कि जांच के दौरान समूह को खरीद और अन्य कामकाजी अनुबंधों के खर्चों को जानबूझकर बढ़ाकर दिखाने का दोषी पाया गया। इस बात के भी सबूत मिले हैं कि सप्लायरों और सहायक ठेकेदारों को दिया गया यह पैसा काले धन के तौर पर नकदी के रूप में वापस समूह के पास पहुंच जाता है।
विभाग के मुताबिक, इस तरीके से करीब 700 करोड़ रुपये की काली कमाई करने के सबूत मिले हैं, जिन्हें रियल एस्टेट में निवेश और व्यापार के विस्तार आदि में इस्तेमाल किया गया है। बोर्ड ने दावा किया कि इसके अलावा समूह ने 150 करोड़ रुपये की बेनामी आय भी स्वीकार की है।