जम्मू-कश्मीर में घनी आबादी वाले इलाकों में घरों की तलाशी के दौरान मुठभेड़ की बढ़ रही घटनाओं में सुरक्षा बलों के कई जवानों के शहीद होने के मद्देनजर ब्लैक कैट कमांडो की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।
इस साल जनवरी से मध्य मार्च तक आतंकी हिंसा की 60 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के 15 कर्मी और 17 आतंकी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि तैनात किए जाने के बाद एनएसडी कमांडो को अपने हुनर को कसौटी पर परखने का मौका मिलेगा और वे राज्य में आतंक रोधी बलों की ताकत को कई गुना बढ़ाने का काम करेंगे।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो
आमतौर पर एनएसजी की छोटी टीम में पांच कमांडो होते हैं जिनका नेतृत्व गैर कमीशंड अधिकारी करता है। इस टीम में बम विशेषज्ञ और अचूक निशानेबाज शामिल होते हैं। ये कमांडो अत्याधुनिक हेकलर एंड कोच एमपी5 सब मशीन गन, स्नाइपर राइफल, दीवार भेदने वाले रडार और सी-4 विस्फोटक का इस्तेमाल करते हैं।
बता दें कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद 1984 में एनएसजी का गठन किया गया था। मुंबई पर 26/11 के हमले में शामिल आतंकियों से निपटने के लिए भी इनका इस्तेमाल हुआ था। मौजूदा समय में इस विशेष बल में 7500 कर्मी हैं।