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Bihar Polls: ओवैसी ने BJP को बताया मजबूत प्रतिद्वंदी, कहा- वे 24 घंटे काम करते हैं; राहुल के अभियान पर भी बोले

Sun, 12 Oct 2025 03:01 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2025 के चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। राहुल गांधी 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं। वहीं ओवैसी ने कांग्रेस का साथ न देते हुए भी भाजपा को हल्के में न लेने की चेतावनी दी है। ओवैसी का कहना है, 'अगर विपक्ष को जीतना है, तो चौकस रहना होगा। ये भाजपा है, पलक झपकते ही काम कर लेती है।'
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असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख - फोटो : ANI
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विस्तार
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एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा को एक 'मजबूत राजनीतिक प्रतिद्वंदी' बताया और कहा कि भाजपा '24 घंटे काम करने वाली पार्टी' है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को सतर्क रहना होगा, क्योंकि भाजपा चुनाव में पलभर में बाजी मार सकती है। उन्होंने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' अभियान से खुद को अलग रखते हुए कहा, 'मैं राहुल गांधी या उनकी पार्टी की तरफ से कुछ नहीं कह सकता। लेकिन अगर भाजपा को हराना है तो जिस तरह वो चुनाव लड़ते हैं, उसी तरह मेहनत करनी होगी। हमें उनके हर कदम पर नजर रखनी होगी।' ओवैसी ने एक पुराने अनुभव का जिक्र भी किया, '2009 या 2014 में मेरे संसदीय क्षेत्र में वोटर लिस्ट में डुप्लिकेट नाम थे। हमने जाकर उन्हें चुनौती दी थी। भाजपा एक मजबूत विपक्षी पार्टी है। आप पलक झपकते हैं और वो अपना काम कर लेते हैं। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है, वोटर लिस्ट को जांचना जरूरी है।'
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राहुल गांधी का 'वोट चोरी' अभियान
राहुल गांधी अब तक दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। 7 अगस्त को दिल्ली में राहुल गांधी ने कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू के महादेवपुरा क्षेत्र का हवाला देकर आरोप लगाया था कि वोटर लिस्ट में 1 लाख से ज्यादा गड़बड़ एंट्री हैं, जिनमें डुप्लिकेट वोटर, फर्जी पते और एक ही जगह पर कई वोट शामिल हैं। सितंबर महीने में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा, जो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने वालों की जानकारी छुपा रहा है।
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बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर भी सवाल
ओवैसी ने चुनाव आयोग की तरफ से बिहार में की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह काम 'जल्दबाजी में' किया गया और नागरिकता की जांच गृह मंत्रालय का काम है। ओवैसी के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 65 लाख नाम हटाए गए और अब आयोग ने और 3.5 लाख नाम भी हटाए हैं। बिहार में बड़ी ग्रामीण आबादी है, और आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया जून में शुरू की थी। बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, और वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। ओवैसी ने चेतावनी दी- 'अगर जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं वो जांच नहीं करेंगे, तो मतदान वाले दिन हंगामा होगा।' उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया है।
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क्या है एसआईआर प्रक्रिया?
विशेष गहन पुनरीक्षण वोटर लिस्ट की विशेष समीक्षा होती है। इसमें पुराने, डुप्लिकेट या फर्जी नाम हटाए जाते हैं और नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। जून 2025 में बिहार में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी। जून में मतदाताओं की कुल संख्या 7.89 करोड़ थी। संशोधन के बाद अंतिम सूची में अब 7.42 करोड़ मतदाता बचे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की बात करें तो, बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर को होंगे। मतों की गणना 14 नवंबर को की जाएगी।
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