मोदी सरकार की चौथी वर्षगांठ पर भाजपा के निशाने पर विपक्ष नहीं, सीधे नेहरू-गांधी परिवार रहेगा। पार्टी के रणनीतिकारों ने उपलब्धियां गिनाने के लिए कांग्रेस के 48 साल बनाम मोदी सरकार के 48 महीने के कार्यकाल पर जोर दिया है। नेहरू-गांधी परिवार पर सियासी हमले केंद्रित रखने के मकसद से पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव और लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल को दायरे से बाहर रखा गया है।
मोदी सरकार की चौथी वर्षगांठ पर 48 साल बनाम 48 महीने की तुलना
भाजपा का मानना है कि कांग्रेस के इन दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर नेहरू-गांधी परिवार का प्रभाव नहीं था। पार्टी की प्रचार टीम ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 17 साल, इंदिरा गांधी के 15 साल, राजीव गांधी के 5 साल और मनमोहन सिंह के 10 साल के कार्यकाल का लेखा-जेखा तैयार किया है। 1990-91 में कांग्रेस के समर्थन से 7 महीने के लिए प्रधानमंत्री रहे चंद्रशेखर के कार्यकाल को भी नेहरू-गांधी परिवार के खाते में जोड़ा गया है। इस प्रकार कांग्रेस के 48 साल के कार्यकाल की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 48 महीने के शासनकाल से की जाएगी।
चुनाव को मोदी बनाम राहुल कर निष्प्रभावी करेंगे विपक्षी गोलबंदी
भाजपा सूत्रों ने बताया कि 2019 चुनाव के मद्देनजर पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी का सीधा प्रतिद्वंद्वी प्रोजेक्ट करना चाहती है। ताकि विपक्षी दलों की मजबूत गोलबंदी की सूरत में राज्यों में ममता, मायावती, अखिलेश, चंद्रबाबू नायडू जैसे कद्दावर नेताओं के प्रभाव को कम किया जा सके।