पूर्वोत्तर के राज्यों में अनेक राजनीतिक दलों ने एनआरसी को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है। भाजपा के सहयोगी दलों ने भी इस मसले पर अपनी नाराजगी स्पष्ट कर दी है। लेकिन, इन दलों की नाराजगी के बाद भी भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भाजपा ने बहुत सोच समझकर एनआरसी का निर्णय लिया था और अब इससे पीछे हटने का कोई सवाल पैदा नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर विशेष निगाह से देख रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले उसका यह बयान महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमित शाह ने रविवार को दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) बनाने के लिए लोगों की राय जानने के एक अभियान की शुरुआत की। इसी मौके पर एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि उनके लिए देश के हर नागरिक की आवाज का महत्त्व है। लेकिन अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए एनआरसी एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है और पार्टी इससे पीछे नहीं हटेगी।
राममंदिर मुद्दे पर अपना रुख साफ करें अन्य दल
सुप्रीम कोर्ट में ग़ैरविवादित भूमि को सरकार को वापस करने की अर्जी दाखिल कर एक दांव खेल चुकी भाजपा ने दूसरे दलों से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा। एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि राममंदिर मुद्दा भाजपा का कोर इशू रहा है। उसके इससे पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। लेकिन अन्य राजनीतिक दलों को भी इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए।
पार्टी ने संकल्प पत्र को तैयार करने के लिए बारह उपसमितियों की रचना की है। इसमें एक समिति सांस्कृतिक विषयों पर राय जानने से सम्बंधित है। पार्टी नेता महेश शर्मा के नेतृत्व में रामजन्मभूमि, गंगा और अन्य सांस्कृतिक विषयों से जुड़ी राय इस उपसमिति के जरिये रखी जायेगी।
'संकल्प पत्र पार्टी का कार्यक्रम नहीं'
अमित शाह ने कहा कि वे पार्टी के घोषणा पत्र को एक पार्टी का कार्यक्रम नहीं बनने देना चाहते, इसकी बजाय वे इसका लोकतांत्रीकरण करना चाहते हैं जिससे इसे बनाने में आम जन की भागीदारी भी हो। इसलिए एक अभियान के तहत अगले एक माह तक भाजपा के कार्यकर्ता देश के दस करोड़ लोगों से मुलाकात करेंगे, और विभिन्न मुद्दों पर उनकी राय जानेंगे। जनता की राय को इस बार चुनावी घोषणा पत्र, जिसे भाजपा ने संकल्प पत्र का नाम दिया है, में शामिल किया जाएगा। शाह ने कहा कि यह भाजपा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण के लिए देश का कार्यक्रम है। इसलिए वे अपील भी करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग लेकर अपनी राय दें। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य देश के हर गरीब के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और देश के गौरव को बढ़ाना है।
अमित शाह ने कहा कि देश की जनता इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ उम्मीदों से भरी निगाह के साथ देख रही है। अगला चुनाव सामान्य चुनाव नहीं होगा। यह देश को बदलने वाला चुनाव होगा। इसलिए वे चाहते हैं कि जब भाजपा की नीति तैयार हो तो इसमें देश के हर आम आदमी की आवाज शामिल हो। उन्होंने कहा कि बीजेपी यह समझना चाहती है कि देश के लोगों की देश के लिए सोच क्या है। वे कैसी सरकार चाहते हैं? अगर सीधे मोदी सरकार की बात करें तो वे जानना चाहते हैं कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी से क्या उम्मीद रखती है। शाह ने बताया कि इन्हीं चीजों को जानने के लिए इस अभियान की शुरुआत कर रही है।
कैसे दे सकते हैं भाजपा को राय
अगर आप भी चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी अपने चुनावी घोषणा पत्र में आपकी सोच को शामिल करे, तो इसके लिए पार्टी ने कई माध्यम बनाये हैं। आप उनमें से किसी एक का भी प्रयोग कर किसी मुद्दे पर अपनी राय भाजपा तक पहुंचा सकते हैं। अमित शाह ने आज 300 संकल्प रथों को देश के कोने-कोने में जाने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। इन रथों के पास जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी राय लिखकर एक पेटी में डाल सकता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी अपनी राय व्यक्त करने की सुविधा है। इसके आलावा व्हाट्सएप्प, ईमेल, मिस्ड कॉल, 7700 सुझाव पेटियों में सुझाव पत्र डालकर भी आप अपनी राय बीजेपी तक पहुंचा सकते हैं।
कैसे केंद्र तक पहुंचेगी आपकी राय
भाजपा सांसद अमित शाह ने बताया कि इन सुझावों को पहले राज्य के स्तर पर एक समिति वर्गीकृत करेगी। उसके बाद वह समिति इसे केन्द्रीय समिति को भेजेगी जो इसका दुबारा वर्गीकरण करेगी। उपयुक्त सुझावों को पार्टी के संकल्प पत्र में जगह दिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि लोगों को उनकी राय लेने के बाद उन्हें सूचित भी किया जायेगा।
सरकार एक सतत प्रक्रिया
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में यह मान लिया गया है कि सरकारें पांच साल के लिए चुनी जाती हैं। उसके बाद नई सरकार आती है और वह अपना काम करती है। शाह ने कहा कि सरकार पांच साल के लिए नहीं, बल्कि एक लगातार चलने वाली सतत प्रक्रिया है। देश के नागरिकों को इस पर लगातार निगाह रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह पहली बार देख रही है कि एक लोक कल्याणकारी सरकार किस तरह काम करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए चुनाव महज सरकार बनाने का एक माध्यम नहीं है। बल्कि यह पूरे देश के लोगों तक अपनी विचारधारा पहुंचाने का एक माध्यम भी है।