यहां दिया मुस्लिम उम्मीदवारों को मौका
इसके पहले हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नौ उम्मीदवारों को अवसर दिया था, जिनमें तीन उम्मीदवार मुस्लिम बहुल मतदाताओं वाली सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे थे। इसके अलावा पार्टी ने असम में 8, तमिलनाडु में 2 और केरल विधानसभा चुनाव में 12 (10 ईसाई और दो मुस्लिम) अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मौका दिया था। भाजपा नेताओं का दावा है कि वह जिताऊ होने के आधार पर सभी पांच चुनावी राज्यों में मुस्लिम उम्मीदवारों को मौका दे सकती है।
जमाल सिद्दीकी ने बताया कि देश प्रेम और राष्ट्रवाद हमेशा से भाजपा की राजनीतिक विचारधारा के मूल विषय रहे हैं। इस विचारधारा को देश की जनता तक पहुंचाने में जितनी भूमिका अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं की रही, उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका सिकंदर बख्त जैसे मुस्लिम नेताओं की थी। लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिमों को हिंदुत्व के मुद्दे पर भड़काकर भाजपा से दूर रखने का प्रयास किया, जिसमें वे काफी हद तक सफल भी रहे। लेकिन अब समय आ गया है कि इस भ्रम को तोड़ना चाहिए और इसी उद्देश्य के लिए वे काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र निर्माण में 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के साथ 'सबका प्रयास' शामिल करने की बात कर रहे हैं, मुस्लिम समाज को भी इस राष्ट्रीय विचारधारा में और मजबूती के साथ जुड़ना चाहिये। इससे समाज में भाजपा के प्रति फैलाई गई गलतफहमियों को दूर करने का अवसर मिलेगा। अल्पसंख्यक मोर्चा की टीम इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी।