अप्रैल 2018 के बाद संसद के उच्च सदन राज्यसभा में भी पीएम मोदी का परचम दिखने लगेगा। पार्टी यहां भी सबसे बडा दल बन जाएगी। वर्तमान में राज्यसभा में भाजपा के 56 सांसद हैं। इसके वजह से सरकार के कामकाज को रफ्तार नहीं मिल पा रही है।
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यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान स्वयं पीएम मोदी ने इस बात का इजहार करते हुए जनता से वोट मांगा था कि सूबे में जीत के जरिए वे राज्यसभा में भाजपा को बहुमत प्रदान करें। चार माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने बेशक यूपी में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है।
मगर राज्यसभा में बडा दल बनने के लिए पार्टी को अप्रैल 2018 तक इंतजार करना पडेगा। अप्रैल 2018 में यूपी से राज्यसभा की 5 सीटें खाली होंगी। जिसके सीधे भाजपा के खाते में ही जाने के आसार हैं। इसके अलावा उत्तराखंड और झारखंड ऐसे प्रदेश हैं।
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जहां से भी भाजपा की सीटों में बढोत्तरी के साथ कांग्रेस पार्टी को सीधा नुकशान है। वर्तमान में राज्यसभा में कांग्रेस की 58 सीटे हैं। आने वाले समय में इसमें काफी गिरावट देखने को मिलेगा। अधिकांश राज्यों में या तो भाजपा की सरकारे हैं अथवा उसके सहयोगियों की।
यूपी में सपा को लगेगा बडा झटका
विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी को यूपी में एक और बडा झटका लगने वाला है। अप्रैल 2018 में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों में से उसके उम्मीदवारों के जीतने की संभावना बेहद कम है। पार्टी सांसद किरणमय नंदा, सलीम चौधरी मुनव्वर,आलोक तिवारी और दर्शन सिंह यादव का राज्यसभा में कार्यकाल अप्रैल 2018 में पूरा हो रहा है।
इसके अलावा कांग्रेस के प्रमोद तिवारी का भी कार्यकाल अप्रैल 2018 में पूरा होगा। यहां की 5 सीटों में से अधिकांश सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी। विपक्ष यदि संयुक्त उम्मीदवार उतारे तो उसे 1 सीट पर सफलता मिल सकती है। इससे पहले चंद दिनों के भीतर ही मनोहर पर्रिकर के रिक्त सीट पर उपचुनाव होना है। इस सीट पर भाजपा अपना कब्जा बरकरार रखेगी।
राज्यसभा में नामाकिंत सांसद के रूप में क्रिकेटर सचिन तेंदूलकर, फिल्म अभिनेत्री—रेखा, अनु आगा और के पराशरन का कार्यकाल 2018 के अप्रैल में पूरा हो रहा है। इन रिक्त सीटों पर मोदी सरकार अपनी पसंद के लोगों का नामांकन करेगी। भाजपा संग रेखा की कभी करीबी नहीं रही इसलिए माना जा रहा है कि संसद में रेखा के दिन अब थोडे रह गए हैं। हालांकि क्रिकेट के भगवान सचिन पर भाजपा नरम रह सकती है।
जल्द होंगी इस वर्ष की रिक्त सीटों की अधिसूचना
सूत्र बताते हैं कि इस वर्ष राज्यसभा में रिक्त होने वाली सीटों की अधिसूचना जल्द होगी। आयोग ने पहले अधिसूचना जारी करके स्थगित कर दिया था। मगर भाजपा के एक महासचिव की मानें तो उपराष्ट्रपति के चुनाव में नए सांसद अपना वोट डाल सकेंगे। इससे पहले ही उनका चुनाव संपन्न हो जाएगा।
इस वर्ष 2017 में पश्चिम बंगाल—5, गुजरात—2और यूपी की 1सीट का उपचुनाव होना है। पश्चिम बंगाल में 2017 में डी बंदोपाध्याय—तृणमूल, पी भट्टाचार्य—तृणमूल, डोला सेन—तृणमूल, डेरेक ओ ब्रायन—तृणमूल और सुखेंदू शेखर—तृणमूल पार्टी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। यहां कि अधिकांश सीटें तृणमूल दोबारा से जीत सकेगी।
वहीं गुजरात में स्मृति ईरानी और दलीप भाई पांडया का कार्यकाल खत्म होने वाला है। दोनों ही सीटें वर्तमान में भाजपा के पास हैं और आगे भी उसी के कब्जे में रहेंगी। यूपी में मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे से रिक्त हुई एकमात्र सीट का चुनाव होना है। भाजपा अपने इस सीट को बचाए रखेगी।
वर्ष 2018 में खाली हो रही राज्यवार सीटें और सांसदों के नाम
यूपी—किरणमय नंदा—सपा,सलीम चौधरी मुनव्वर—सपा,आलोक तिवारी—सपा, दर्शन सिंह यादव—सपा, प्रमोद तिवारी — कांग्रेस।
उत्तराखंड—महेंद्र सिंह माहरा,कांग्रेस।
हिमाचल
जेपी नडडा—भाजपा
मध्यप्रदेश
ला गणेशन—भाजपा, थावरचंद गहलोत—भाजपा,
छत्तीसगढ
भुषण लाल जांगण— भाजपा,
राजस्थान
भूपेंद्र सिंह यादव—भाजपा,
बिहार
धर्मेंद्र प्रधान—भाजपा,
गुजरात
मनसुख भाई मंडाविया—भाजपा, शंकर भाई—भाजपा,
महाराष्ट्र
अजय संचेती—भाजपा, वंदना चव्हाण—एनसीपी,अनिल देशाई—शिवसेना,डी पी त्रिपाठी—रांकपा
झारखंड
संजीव कुमार—जेएमएम, प्रदीप बालमुचू—कांग्रेस
कर्नाटक
वसवराज पाटिल—भाजपा,आर रामकृष्ण—भाजपा,
आंध्र प्रदेश
डीके चिरंजीवी—कांग्रेस, देवेंद्र गौड—टीडीपी,
ओडिसा
एवी सिंह देव—बीजद,दलीप टिर्की—बीजद, एवी स्वामी—निर्दलिय,
पश्चिम बंगाल
कुनाल घोष— तृणमूल, विवेक गुप्ता— तृणमूल, नमीदूल हक—तृृणमूल,
केरल
सीपी नारायनन केरल सीपीएम,
सिक्किम
हिसे लालरंगा—एसडीएफ ,