महाराष्ट्र के अहमदनगर में दो शिवसैनिकों की हत्या को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच की खाई और चौड़ी हो गई है। सरकार में शामिल शिवसेना कोटे के मंत्री इस घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि शिवसेना को भाजपा खत्म करना चाहती है।
मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक से पहले शिवसेना कोटे से पर्यावरण मंत्री रामदास कदम, परिवहन मंत्री दिवाकर रावते समेत कई अन्य मंत्री मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस से मिले और उन्होंने
भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले को पार्टी से निकालने की मांग की। कदम ने कहा कि कर्डिले ने 500-600 गुंडों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर हमला करवाया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और उनके समर्थक विधायक कर्डिले के दामाद एनसीपी विधायक संग्राम जगताप को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भगा ले गए। इसलिए इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक
एनसीपी और कांग्रेस के केवल 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हमला करने के लिए 500-600 लोगों की भीड़ जुटी थी।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्डिले को पार्टी से नहीं निकाला जाएगा। लेकिन, उन्होंने शिवसैनिकों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने का आश्वासन दिया है। अहमदनगर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप में भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले जेल में बंद हैं।
एक तरफ भाजपा चुनावों के लिए शिवसेना के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ा रही है और दूसरी ओर भाजपा विपक्षी दलों एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
- रामदास कदम, पर्यावरण मंत्री
अहमदनगर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। सरकार के एक मंत्री का इस तरीके का राजनीतिक आरोप लगाना ठीक नहीं है। उनका आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।
- सुधीर मुनगंटीवार, वित्त मंत्री