पश्चिम बंंगाल में सत्ताधारी दल- तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिनों भाजपा सांसद पर हुए हमले को लेकर गंभीर टिप्पणी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर करारा पलटवार भी किया था। अब ताजा घटनाक्रम में सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हरकतें और उनका व्यवहार 'कार्यवाहक प्रधानमंत्री' जैसा है।
ममता बनर्जी बोलीं- शाह एक दिन मीर जाफर...
बाढ़ से तबाह उत्तरी बंगाल से लौटने के बाद कोलकाता हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करना चाहती हूं कि वे शाह पर अधिक भरोसा न करें, जो 'एक दिन उनके लिए मीर जाफर' जैसे बन सकते हैं।' बता दें कि 18वीं सदी में तत्कालीन बंगाल के सेनापति जाफर ने पलासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को धोखा दिया था और बाद में अंग्रेजों की मदद से राजा बने थे।
प्रधानमंत्री भी शाह के सभी कार्यों से वाकिफ हैं
केंद्र सरकार और देश की शीर्ष सांविधानिक संस्था- निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लागू करने के नाम पर चुनाव आयोग जो कुछ भी कर रहा है, वह शाह के इशारे पर हो रहा है। अमित शाह कार्यवाहक प्रधानमंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, प्रधानमंत्री भी उनके सभी कार्यों से वाकिफ हैं। बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी पीएम मोदी पर प्राकृतिक आपदा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सियासत करने के आरोप लगा चुकी हैं।
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भाजपा ने बंगाल के हाल पर पूछे तीखे सवाल
बंगाल की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बुधवार को भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा संस्थागत, सामान्य और वैध बन चुकी है। कल्पना कीजिए, कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति होगी, जब एक सांसद और एक विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं।
तृणमूल कांग्रेस और INDIA में शामिल दलों से भाजपा के सवाल
पूनावाला ने कहा, यह न भूलें कि 6 जनवरी 2024 को, तृणमूल कांग्रेस की भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर भी हमला किया था। उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में शामिल दलों के विचारधारा पर भी सवाल किए।
राष्ट्रपति के खिलाफ TMC विधायक की शर्मनाक टिप्पणी
बकौल पूनावाला, 'विपक्षी गठबंधन का आक्रोश चुनिंदा है। वे आदिवासी समुदायों के बारे में भी केवल उस समय बोलते हैं जब मुद्दा उनके राजनीतिक एजेंडे के अनुकूल हो। विपक्षी गठबंधन वाली सरकारों के अधीन होने वाली घटनाओं पर वे चुप्पी साध लेते हैं। यह एक चलन बन चुका है। उन्होंने कहा, मार्च में एक आदिवासी समुदाय के भाजपा नेता पर हमला हुआ। अप्रैल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में मंत्री और मौजूदा तृणमूल विधायक अखिल गिरि भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ शर्मनाक और अस्वीकार्य टिप्पणी कर चुके हैं।
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सीएम ममता नीत बंगाल सरकार की मानसिकता तालिबानी
शहजाद पूनावाला ने रवींद्रनाथ टैगोर की कविता का जिक्र करते हुए कहा, हम पश्चिम बंगाल को इस रूप में जानते हैं, जैसा टैगोर ने कहा था-
'जहां मन भयमुक्त हो और सिर ऊंचा हो।' (where the mind is without fear and the head is held high)। उन्होंने कहा कि भारत और बंगाल के लिए टैगोर के इस दृष्टिकोण से उलट आज ममता बनर्जी के शासन में, बंगाल के लोगों का मन भय से भरा है, सिर ऊंचा नहीं है, बल्कि टूटने का खतरा है। भाजपा नेता ने कहा, आज पश्चिम बंगाल में टीएमसी का शासन नहीं, यह तालिबानी मानसिकता और संस्कृति से संचालित सरकार है।
आपदा के लिए टीएमसी सरकार का भ्रष्टाचार जिम्मेदार
उन्होंने कहा, पिछले 24 घंटों में टीएमसी का मतलब बदल गया है - टी का मतलब आदिवासियों पर अत्याचार, एम का मतलब महिलाओं पर अत्याचार और सी का मतलब पूरी तरह से असहाय नागरिक। उत्तर बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन के कहर का उल्लेख करते हुए पूनावाला ने कहा, 35 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 50,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हैं। इस आपदा के लिए पूरी तरह से टीएमसी सरकार का भ्रष्टाचार जिम्मेदार है।
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'भाजपा नेताओं के खिलाफ हिंसा टीएमसी की राजनीतिक हताशा'
पूनावाला ने कहा, पिछले 24 घंटे में आदिवासी समुदाय से आने वाले भाजपा के तीन नेताओं के खिलाफ हुई हिंसा टीएमसी की राजनीतिक हताशा दिखाती है। खगेन मुर्मू पर जानलेवा हमला किया गया। उनके सिर में फ्रैक्चर है, चेहरे से खून बह रहा है। वह इस समय आईसीयू में हैं और बोल भी नहीं पा रहे हैं। उनके अलावा, प्रदेश विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष पर भी हमला किया गया। शंकर घोष ने ममता बनर्जी की खुलकर आलोचना की है और कहा है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि सुनियोजित था।