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BJP Vs AAP: केजरीवाल भराएंगे फॉर्म तो भाजपा देगी 10000 लोगों को नौकरी, सोमवार से नई रंगत में आएगा चुनाव

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 22 Dec 2024 06:46 PM IST

सार

Delhi elections: पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली के दस हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसमें झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले  युवा मतदाताओं के साथ-साथ दिल्ली के मध्यम वर्ग के मतदाता भी शामिल होंगे।
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दिल्ली की एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते पूर्व विधायक नितिन त्यागी, सोहन कुमार - फोटो : अमर उजाला


नौकरी देने वाले का नैरेटिव गढ़ने की कोशिश

पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली के दस हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसमें झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले  युवा मतदाताओं के साथ-साथ दिल्ली के मध्यम वर्ग के मतदाता भी शामिल होंगे। इसके लिए विभिन्न कंपनियों को भी बुलाया गया है जो युवाओं से साक्षात्कार कर उन्हें नौकरी देने का काम करेंगी। प्रधानमंत्री इसके पहले भी युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटने का काम कर चुके हैं। इससे भाजपा को जनता के बीच यह संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी कि यदि भाजपा की सरकार बनती है तो उन्हें नौकरियां मिलेंगी। बेरोजगारी पूरे देश के किसी भी चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा होता है। ऐसे में यदि प्रधानमंत्री के हाथों युवाओं को नौकरी का नियुक्ति पत्र बांटा जाता है तो इससे भाजपा को चुनावी लाभ मिल सकता है। 


छवि गढ़ने की कोशिश 

महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ठीक इसी समय दिल्ली में दस हजार बस मार्शलों की नौकरी जाने का मुद्दा एक सियासी मुद्दा बना हुआ है। भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ही एक दूसरे पर यह आरोप लगा रही हैं कि उनके कारण बस मार्शलों की नौकरी गई और अब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई। अब उन्हीं बस मार्शलों सहित कुछ अन्य युवाओं को दूसरे तरीके से नौकरी देने पर भाजपा को इसका चुनावी लाभ मिलना तय है। भाजपा यह दावा करेगी कि दिल्ली में उसकी सरकार न होते हुए भी उसने लोगों को नौकरी दी, जबकि केजरीवाल की सरकार ने बस मार्शलों को नौकरी से निकाल दिया। यह पूरा खेल छवि बनाने-बिगाड़ने में मदद कर सकता है। 


लोगों तक योजनाओं को पहुंचाने की कोशिश

लेकिन अरविंद केजरीवाल भी इस मामले में कमजोर नहीं हैं। वे भी जनता के बीच पहुंचकर अपनी उस छवि को मजबूत करने का काम करने जा रहे हैं जिसके बूते उनकी सरकार दस साल से अबाध गति से दिल्ली में राज कर रही है। आम आदमी पार्टी ने अपनी योजनाओं का फॉर्म जनता से भरवाने के जरिए इसको लोकप्रिय बनाने का नुस्खा तैयार किया है। इस तरह पार्टी कार्यकर्ता घर-घर तक पहुंचते हैं और एक-एक लाभार्थी तक पार्टी की बात पहुंच जाती है। इससे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ती है और पार्टी के लिए नए मतदाता आकर्षित होते हैं। एंटी इनकंबेंसी फैक्टर से निपटने में भी यह नुस्खा मददगार साबित हो सकता है। 


अरविंद केजरीवाल ने इसके पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह लोगों से फॉर्म भरवाने का फार्मूला अपनाया था। पार्टी उन चुनावों में कोई बड़ी सफलता नहीं हासिल कर सकी, लेकिन उसके प्रचार का यह तरीका अवश्य लोकप्रिय हो गया था। अब इस चुनाव में भी पार्टी उसी फॉर्मूले को अपना रही है। 


भाजपा इस तरह देगी जवाब

भाजपा जानती है कि लोगों से फॉर्म भरवाकर उन्हें नकद लाभ के लिए आकर्षित करने की योजना कारगर हो सकती है, लिहाजा वह नुक्कड़ सभाओं के जरिए गली-गली, घर-घर तक जाकर लोगों को यह बताने की कोशिश कर रही है कि यह केजरीवाल का 'चुनावी स्टंट' है। पहले अरविंद केजरीवाल के साथी रहे नितिन त्यागी ने एक नुक्कड़ सभा के दौरान बताया कि फॉर्म भरवाकर लोगों को पैसे देने की गारंटी 2019 के चुनाव में भी की गई थी। लेकिन आज तक एक भी महिला, पुरुष को नकद सहायता नहीं दी गई। 


लक्ष्मी नगर से पूर्व विधायक नितिन त्यागी ने कहा कि वे उस समय आम आदमी पार्टी में ही थे। जब उन्होंने इस योजना की सत्यता पता करने की कोशिश की थी, तब उन्हें यही कहा गया था कि चुनाव के बाद इसे पूरा नहीं करना है, अभी यह केवल जनता का ध्यान खींचने की कोशिश है। त्यागी ने कहा कि इसके बाद ही उन्होंने केजरीवाल का साथ छोड़ने का निर्णय कर लिया था। 
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पंजाब में भी अब तक नहीं दे पाई केजरीवाल की सरकार      

पांडव नगर मंडल के भाजपा अध्यक्ष सोहन कुमार ने नुक्कड़ सभा में कहा कि अरविंद केजरीवाल ने इसी तरह पंजाब में लोगों को एक-एक हजार रूपये हर महीने देने का वादा किया था। पंजाब में भगवंत मान की सरकार बने हुए लगभग तीन साल हो चुके हैं। लेकिन अब तक एक भी महिला-पुरुष को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार बने दस साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इस बीच दिल्ली में राशन कार्ड बनने पूरी तरह बंद हो चुके हैं। बुजुर्गों की पेंशन चुनाव के अंतिम समय में शुरु की गई, जबकि अब तक वह बंद थी। 


सोहन कुमार ने कहा कि जिन दलित छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी गई थी, अब चुनावों के समय उन्हें बाबा साहब के नाम पर नई लालच दी जा रही है। नवीं-ग्यारहवीं के लगभग 1.5 लाख छात्रों को फेल करवाकर केजरीवाल अपना दसवीं-12वीं का रिपोर्ट कार्ड बेहतर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन दिल्ली के जिन 1.5 लाख घरों के बच्चे फेल हुए हैं, वे इस चुनाव में केजरीवाल को सबक सिखाने का काम करेंगे। 


भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने अब तक केवल झूठों का तिलिस्म खड़ा किया था। जनता ने देखा है कि किस तरह उसे आम आदमी का सपना दिखाकर केजरीवाल ने अपने लिए शीश महल तैयार कर लिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोगों को शिक्षा देने की बात की थी, लेकिन शिक्षा की बात करने वाले शराब मुफ्त में पिलाने का काम करने लगे। उन्हें लगता है कि ऐसी पार्टी को जनता अब दुबारा अवसर नहीं देगी।  
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