नोटबंदी के कदम के बाद आए गुजरात और महाराष्ट्र के स्थानीय चुनावों के नतीजे से केंद्र सरकार गदगद है, तो भाजपा के हौसले भी बढ़े हुए हैं। भाजपा इसे जनता के बीच नोटंबदी के असर की परीक्षा में पास होने जैसा मान रही है।
गुजरात स्थानीय चुनाव के नतीजों के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट पर कहा है कि पिछले कुछ दिनों में लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन दर्शाता है कि लोग सर्वांगीण विकास चाहते हैं और वे भ्रष्टाचार एवं कुशासन बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अब सरकार और भाजपा दोनों ही नोटंबदी पर विपक्ष के खिलाफ आक्रमण में तेजी लाएंगी। गुजरात स्थानीय चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने नतीजों की ओर इशारा करते हुए विपक्ष को आईना दिखाया है। सरकार यह भी उम्मीद जता रही है कि बुधवार से लोकसभा में संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी।
लोकसभा से आयकर संशोधन विधेयक पारित कराने के बाद सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का कहना है कि अब विपक्ष की मजबूरी बन गई है कि वह संसद (लोकसभा) में चर्चा करे।
नोटबंदी के फैसले के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि भाजपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। मगर महाराष्ट्र और गुजरात के नतीजों ने न सिर्फ सारे अनुमानों को गलत करार दिया है। बल्कि विपक्ष को भी रणनीति पर विचार करने को मजबूर कर दिया है। तो गुजरात और महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में मिली जीत के भाजपा को यूपी और उत्तराखंड की राह भी आसान नजर आ रही है।
उसे लग रहा है कि नोटबंदी के कदम का जनता में सिर चढ़कर जादू चल रहा है। इस जादू के जरिए उसे अगले वर्ष शुरू में होने वाले पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पक्की दिख रही है।