केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से उन्हें गहरा आघात लगा है। गहरा दुख जताते हुए गडकरी ने लिखा कि सुषमा जी ने हमेशा मुझे बड़ी बहन का स्नेह दिया और संगठनात्मक सलाह देकर राजनीतिक अभिभावक का फर्ज निभाया। भारतीय राजनीति में मज़बूत विपक्षी और पूर्व विदेश मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका को सदैव स्मरण किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि उनके निधन से देश की, पार्टी की और व्यक्तिगत रूप से मेरी क्षति हुई है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने दुख जताते हुए कहा कि सुषमा स्वराज के निधन से स्तब्ध हूं। एक प्रभावी सांसद, एक प्रभावी संचालक और एक उत्कृष्ट मानवीय नेता के तौर पर वह हमेशा याद की जाएंगी।
राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सुषमा स्वराज के रूप में मैंने एक बड़ी बहन खो दिया। हमने कभी भी एक दूसरे को नाम से नहीं पुकारा था। उनका निधन देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। सदन के अंदर और बाहर
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने मुझे छोटे भाई के रूप में माना, बहुत कुछ सिखाया। वह एक अलौकिक वक्ता, प्रखर नेता रहीं। मेरे पास शब्द नहीं है, मैं बिल्कुल स्तब्ध हूं।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र के प्रति अपना जीवन समर्पित रखा। उन्होंने अपनी कार्यशैली और व्यवहार से अपनी काबिलियत और लोकप्रियता को साबित किया। उनका निधन पार्टी और देश के लिए अपूर्णीय क्षति है।