गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी की त्रिमूर्ति रण में उतरने को तैयार हैं। भाजपा के तीनों बडे चेहरे पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरूण जेटली जल्द ही गुजरात के रण में भाजपा का मैदान संभालते नजर आएंगे।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर सूबे की चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। मोदी, शाह और जेटली के कार्यक्रम भी तय हो गए हैं।
प्रदेश की चुनावी फिंजा को हिन्दूत्व के एजेंडे पर लाने के लिए भाजपा का चुनावी औजार इस दफे नर्मदा बनेंगी। तो युवा मतदाताओं पर पार्टी ने विशेष ध्यान केंद्रीत किया हुआ है। पार्टी ने अपने प्रचार अभियान के लिए गुजरात के लगातार हो रहे विकास को मुख्य मुद्दा बनाया है।
अडिख्खम गुजरात का आयोजन कर भाजपा सूबे में किए विकास कार्यों को भरपूर भूनाएगी। पार्टी ने पीएम मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सूबे में किए गए कार्यों के अलावा उनके पीएम बनने के बाद तक के कार्यों का विस्तार से पुलिंदा बनाया है। जिसे गुजरात की जनता के सामने वह पेश कर समर्थन मांगेगी।
गंगा के बाद अब नर्मदा को भूनाएगी भाजपा
गंगा के मुद्दे पर उत्तर भारत में सियासत की सफल खेती कर चुकी भाजपा गुजरात में अपनी पांचवी जीत दर्ज करने के लिए नर्मदा को राजनैतिक औजार बना रही है।
पार्टी ने इसकी बिसात पूरी तरह बिछा भी दी है। 4 सितंबर सोमवार से पार्टी ने सूबे के अलग-अलग हिस्सों में 80 नर्मदा रथ रवाना किए हैं। जोकि जनता के बीच जाकर भाजपा के विकास की गाथा ब्यां करेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जब-जब भाजपा की सरकार रही है तब-तब नर्मदा बांध का काम तेज गति से हुआ है। न्यायालय के फैसले के बाद नर्मदा बांध अपने उंचाई के शिखर पर है।
इसका लाभ गुजरात की जनता को हुआ है और आगे भी होगा। इसके बदौलत कच्च से लेकर सौराष्ट्र तक की तकदीर बदली है। इसलिए नर्मदा से हुआ विकास गाथा को नर्मदा रथ के जरिए जनता के बीच रखा जा रहा है।
इसके अलावा 17 सितंबर को पीएम मोदी अपने जन्म दिवस के अवसर पर केवडिया कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के जरिए नर्मदा बांध का लोकार्पण करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने बांध की ऊंचाई को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी थी, इसके बाद आनंदी बेन के कार्यकाल में बांध की ऊंचाई बढ़ाने को मंजूरी मिली। अब यह काम पूरा हो चुका है इसलिए पीएम मोदी जन्मदिन के मौके पर इसे गुजरात को पुनः समर्पित करेंगे।