बंगाल के हालात को लेकर ममता की टीएमसी और भाजपा आमने सामने है। आरपार की इस लड़ाई में भाजपा ने आयोग से शिकायत की है। उधर ममता ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को देर शाम भाजपा का निर्मला सीतारमण, मुख्तार अब्बास नकवी और भूपेंद्र यादव, अरुण सिंह समेत पार्टी के आला नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल में सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि पहले चरण के मतदान के लिए दो सप्ताह से भी कम समय रह गया है लेकिन बंगाल की स्थिति अभी भी काफी खराब है। हिंसा के चलते वोटरों में भय का माहौल है। भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए प्रचार करना तक मुश्किल है। क्योंकि वहां पुलिस भी ईमानदारी से काम नहीं कर पा रही है टीएमसी के कार्यकर्ताओं का इतना खौफ है कि प्रशासन उनके आतंक के सामने पंगु नजर आ रहा है।
भाजपा ने आशंका जतायी है कि पंचायत चुनाव की तरह ही वोटरों को घर से ही निकलने नहीं दिया जाएगा। टीएमसी को छोड़कर कोई भी प्रचार नहीं कर पा रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ऐसे में जब पहले ही हिसा लगातार जारी है। आयोग को चाहिए कि वह कार्रवाई करे। उधर ममता भी लगातार भाजपा पर चुनाव को साप्रदायिकता का रंग देने का आरोप लगाती रहीं है।