भाजपा जल्द ही नए सदस्यता अभियान की शुरुआत के साथ संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू करने वाली है। इस क्रम में सबसे पहले राज्यों में आंतरिक चुनाव होंगे। फिर पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। वहीं, मौजूदा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बात करें तो उन्होंने रविवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय का पदभार भी संभाल लिया। नड्डा का भाजपा अध्यक्ष पद का कार्यकाल चुनाव से पहले ही कुछ महीनों के लिए बढ़ाया गया था।
नड्डा का कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है। केंद्रीय कैबिनेट में उन्हें शामिल किए जाने से अध्यक्ष पद का चुनाव भी जरूरी हो गया है। हाल ही में भाजपा ने पार्टी के संविधान में बदलाव करते हुए अपनी शीर्ष इकाई यानी संसदीय बोर्ड को आपात परिस्थिति में पार्टी अध्यक्ष और उसके कार्यकाल से जुड़े फैसले लेने की शक्ति प्रदान की है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नड्डा के कार्यकाल को उनके पद पर किसी दूसरे नेता के चुने जाने तक फिर से बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का ही होगा।
भाजपा फिर नियुक्त कर सकती है कार्यकारी अध्यक्ष
जब 2019 में अमित शाह भाजपा अध्यक्ष पद पर रहते हुए केंद्रीय गृह मंत्री बनाए गए थे, तब नड्डा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। बाद में 2020 में नड्डा को पार्टी का स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसे देखते हुए ये कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा फिलहाल किसी नेता को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में जेपी नड्डा को कैबिनेट में नहीं शामिल करते हुए यह संदेश दिया था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कोई मजबूत और अनुभवी नेता ही संभालेगा।
भाजपा के अनुभवी नेता संभाल रहे अहम मंत्रालय
फिलहाल भाजपा में अध्यक्ष पद संभालने के लिए किसी बड़े नाम की चर्चा नहीं है। इसकी वजह यह है कि पार्टी के जितने भी अनुभवी नेता हैं, वे केंद्र में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव संगठनात्मक रूप से सक्षम नेता माने जाते हैं। कयास थे कि इन दोनों के नाम पर विचार हो सकता है, लेकिन नई सरकार में ये दोनों नेता केंद्र में मंत्री बन गए हैं। अब भाजपा राज्य के किसी बड़े नेता या किसी राष्ट्रीय महासचिव को यह जिम्मेदारी दे सकती है।
लोकसभा चुनाव पर था भाजपा का फोकस
लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए भाजपा कुछ राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्षों को बदल सकती है। इसमें उत्तर प्रदेश शामिल है। उधर, पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार अब केंद्र में मंत्री हैं, जबकि बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी राज्य में उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। इस कड़ी में हरियाणा भाजपा अध्यक्ष नायब सिंह सैनी अब राज्य में मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं।