यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है। इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है ।
बैठक में राजनीतिक व आर्थिक मुद्दों समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों पारित किये जाने की संभावना है । इसमें राम मंदिर के मुद्दे पर भी पार्टी का रूख स्पष्ट किया जा सकता है। समझा जाता है कि बैठक में कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों के साठ साल के कामकाज की तुलना भी रखी जाएगी और बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार के दौरान कितनी तेजी से विकास हुआ है।
इसमें सबसे ज्यादा जोर भ्रष्टाचारमुक्त सरकार पर दिया जायेगा और कांग्रेस की पिछली सरकारों के घोटालों की तुलना करते हुए भाजपा अपनी बेदाग सरकार को जनता के सामने लेकर जाएगी। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हो रही है। बैठक में 12,000 पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
महासचिव अनिल जैन के अनुसार, रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक लोकसभा चुनाव से पहले सबसे बड़ी बैठक होगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय और राज्यों के पदाधिकारियों समेत अन्य नेता भी शामिल होंगे।
बहरहाल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मौजूद रहेंगे। रामलीला मैदान के मंच के पिछले हिस्से में प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए अस्थायी कार्यालय बनाया गया है । प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए जो सुविधाएं जरूरी होती हैं, वह अस्थायी कार्यालय में उपलब्ध होंगी।
वहीं, भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के लिए भी व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय परिषद की बैठक के साथ-साथ यहां बड़े नेताओं की छोटी बैठक का भी इंतजाम किया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए भाजपा अपने विभिन्न मोर्चो का भी अधिवेश आयोजित कर रही है। इस संदर्भ में भाजपा युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की बैठक हो गई है।
भाजपा की अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक 2 और 3 फरवरी को भुवनेश्वर में होगी जबकि ओबीसी मोर्चा की बैठक 15 और 16 फरवरी के पटना में होगी।
पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक 19 और 20 जनवरी को नागपुर में होगी जिसमें अमित शाह हिस्सा लेंगे। 21 और 22 फरवरी को भाजपा किसान मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तर प्रदेश में होगा, जिसको प्रधानमंत्री मोदी भी संबोधित करेंगे । 31 जनवरी और एक फरवरी को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में होगा ।