एसआईआर पर भाजपा का देशव्यापी अभियान
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भारतीय जनता पार्टी अगले हफ्ते से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद कांग्रेस के उन दावों का जवाब देना है, जिन्हें भाजपा 'गुमराह करने वाले' दावे बताती है। ये दावे मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) और भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े हैं।
अभियान में क्या होगा?
इस प्रस्तावित अभियान के तहत, भाजपा जनता के सामने तथ्य रखेगी ताकि एसआईआरऔर निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और आरोपों का जवाब दिया जा सके। पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों तक इस अभियान को पहुंचाएं।
दस्तावेज तैयार कर भाजपा
भाजपा के सूत्रों के अनुसार, पार्टी 24 पन्नों का एक विस्तृत दस्तावेज तैयार कर रही है, जिसमें विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों और लगाए गए आरोपों के जवाब शामिल हैं। उम्मीद है कि यह दस्तावेज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए जनसंपर्क गतिविधियों के दौरान एक संदर्भ सामग्री (रेफरेंस मटेरियल) के रूप में काम आएगा।
सोशल मीडिया पर भी चलाया जाएगा अभियान
इस अभियान को सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी चलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सके और इस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा जा सके। विपक्ष के मौजूदा आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ, बीजेपी उन घटनाओं को भी उजागर करने की योजना बना रही है, जिनमें उसका आरोप है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए चुनाव आयोग और अन्य संस्थानों का दुरुपयोग किया था। पार्टी इन उदाहरणों का इस्तेमाल कांग्रेस की आलोचना का जवाब देने और जनता के सामने अपना पक्ष रखने के लिए करना चाहती है।
इस अभियान में देश भर के पार्टी नेताओं और संगठनात्मक इकाइयों के समन्वित प्रयास शामिल होंगे। इसमें तथ्यात्मक जानकारी पेश करने और चुनावी प्रक्रियाओं तथा चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के दावों का जवाब देने पर जोर दिया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब एसआईआर और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। भाजपा एक समन्वित राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम के जरिए अपना जवाब सीधे जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।