बड़े नोट बंद करने के पीएम मोदी के एलान के बाद भाजपा मामले के सियासी नफा-नुकसान के आंकलन में जुट गई है। शुरूआती दौर में पार्टी को लग रहा है कि उसके व्यापारी और मध्यम वर्ग सरीखे कोर वोट पर फैसले का असर पड़ सकता है। मगर लंबे समय के लिहाज से पार्टी को पीएम का फैसला लाभकारी लग रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि अपने वोट पर चोट की जोखिम का अनुमान होने के बावजूद भी सरकार ने कदम उठाया है। इतने बड़े फैसले की प्रतिक्रिया होनी लाजमी है, मगर स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। उक्त नेता ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।
मध्यम वर्ग की चोट से उबरने के लिए पार्टी की रणनीति 2.5 लाख की छूट को जनता के बीच जोर-शोर से प्रचारित करने की है। जनता में फैले भ्रम को दूर करने के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली अगले दो दिनों में जहां 80 से ज्यादा खरिया चैनलों से बातचीत करेंगे। तो भाजपा के नेता भी अपने-अपने तरीके से जनता के मन में पनपे भय को दूर करने की कवायद करेंगे।
सरकार के सख्त फैसले से जनता के मन में बैठे भय को दूर करते हुए पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अनौपचारिक चर्चा में कहा कि बैंक में एक व्यक्ति 2.5 लाख रूपये जमा कर सकता है। यदि परिवार में चार सदस्य हैं तो अलग-अलग नाम पर उसके 10 लाख बैंक में जमा हो सकते हैं। इसपर आयकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि बड़ी मछलियों के खिलाफ पार्टी के तेवर में कहीं से भी नरमी नहीं है। 25 लाख से उपर नकद रकम जमा करने वालों पर सरकार सख्त कदम उठाएगी।