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बड़े नोट बंद होने के बाद बीजेपी को सता रही है वोटों की चिंता

Fri, 11 Nov 2016 06:55 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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बड़े नोट बंद करने के पीएम मोदी के एलान के बाद भाजपा मामले के सियासी नफा-नुकसान के आंकलन में जुट गई है। शुरूआती दौर में पार्टी को लग रहा है कि उसके व्यापारी और मध्यम वर्ग सरीखे कोर वोट पर फैसले का असर पड़ सकता है। मगर लंबे समय के लिहाज से पार्टी को पीएम का फैसला लाभकारी लग रहा है। 
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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि अपने वोट पर चोट की जोखिम का अनुमान होने के बावजूद भी सरकार ने कदम उठाया है। इतने बड़े फैसले की प्रतिक्रिया होनी लाजमी है, मगर स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। उक्त नेता ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। 

मध्यम वर्ग की चोट से उबरने के लिए पार्टी की रणनीति 2.5 लाख की छूट को जनता के बीच जोर-शोर से प्रचारित करने की है। जनता में फैले भ्रम को दूर करने के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली अगले दो दिनों में जहां 80 से ज्यादा खरिया चैनलों से बातचीत करेंगे। तो भाजपा के नेता भी अपने-अपने तरीके से जनता के मन में पनपे भय को दूर करने की कवायद करेंगे। 
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सरकार के सख्त फैसले से जनता के मन में बैठे भय को दूर करते हुए पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अनौपचारिक चर्चा में कहा कि बैंक में एक व्यक्ति 2.5 लाख रूपये जमा कर सकता है। यदि परिवार में चार सदस्य हैं तो अलग-अलग नाम पर उसके 10 लाख बैंक में जमा हो सकते हैं। इसपर आयकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि बड़ी मछलियों के खिलाफ पार्टी के तेवर में कहीं से भी नरमी नहीं है। 25 लाख से उपर नकद रकम जमा करने वालों पर सरकार सख्त कदम उठाएगी। 
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पार्टी अपने मध्यम वर्ग के आधार को बचाए रखना चाहती है

पार्टी नेता के अनुसार ऐसे लोगों की खाल उधेड़ ली जाएगी। उनपर 200 प्रतिशत जुर्माना के अलावा कर भी लगेगा। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति को 2.5 लाख की छूट देने के मामले को प्रचारित कर पार्टी अपने मध्यम वर्ग के आधार को बचाए रखना चाहती है। तो 25 लाख से उपर के रकम वालों पर कानूनी चाबूक चलाने के बात को प्रचारित कर भाजपा आम आदमी के बीच पीएम की दमदार छवि प्रस्तुत करना चाहती है। 

पार्टी के एक महासचिव का कहना है कि बड़े नोट बंद करने के कदम से मोदी पर लगने वाली सूट-बूट की छवि का आरोप निराधार हो गया है। उक्त नेता के अनुसार मोदी की छवि दिन ब दिन उभरती जा रही है। देश के बाकी नेता इस मामले में मोदी से बहुत पिछे छूट गए हैं। पीएम की दमदार छवि को बनाए रखने की कवायद में सरकार की ओर से आने वाले समय में बार-बार ऐसे ही साहसीक कदम उठाए जाएंगे। 

बड़े नोट बंद करने के फैसले का चुनावी लाभ लेने के लिए भाजपा आलाकमान ने तय किया है कि सर्जिकल स्ट्राईक की तरह बड़े नोट बंद करने के मुद्दे को भी वह चुनावी राज्यों में जनता के बीच लेकर जाएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मुद्दे का ठोक कर फायदा लेंगे। जनता से मुद्दे की मांग नहीं भी होगी तो उठाएंगे। राजनीति में हम भजन मंडली चलाने के लिए नहीं हैं। 

विशेष:- यह खबर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अनौपचारिक चर्चा पर आधारित है।
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