तेजस्वी यादव और शत्रुघन सिन्हा राष्ट्र मंच की बैठक के दौरान पटना में
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बता दें कि कीर्ति आजाद भाजपा से तीन बार दरभंगा के सांसद रहे हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर उन्हें भाजपा ने लंबे समय से निलंबित कर रखा है। वे कांग्रेस में अपनी जमीन तलाश रहे हैं और दरभंगा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ना चाहते हैं।
2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के बागी नेताओं ने अपनी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। 17वीं लोकसभा चुनाव की सुगबुहाट शुरू होते ही बिहार में भाजपा के बागी नेताओं में शामिल सिने अभिनेता और शॉटगन के नाम से मशहूर शत्रुध्न सिन्हा और क्रिकेटर से नेता बने कीर्ति आजाद अलग-अलग पार्टियों के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।
पार्टी से नाराज बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की हाल में राजद से बढ़ी नजदिकियां इस बात के संकेत दे रही हैं कि वो अगला चुनाव बीजेपी के बजाय महागठबंधन खेमे से लड़ सकते हैं। चुनाव के मद्देनजर कुछ दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि समय आने पर घोषणा करूंगा कि मैं किस पार्टी और कहां से चुनाव लडूंगा। फिलहाल मैं भाजपा में हूं।
पार्टी से दरकिनार होने के बाद से ही शत्रुघ्न सिन्हा कई मौकों पर अपने दर्द का इजहार कर चुके हैं। उनके इस दर्द को कभी नीतीश तो कभी लालू यादव मरहम लगा चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से शत्रु लालू और उनके परिवार से मिलजुल रहे हैं जिसे देखते हुए कयास लगया जा रहा है कि सिन्हा की नजर महागठबंधन के टिकट पर लोकसभा पहुंचने की है।